प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में छापेमारी के दौरान अपनी टीम पर हुए हमले पर अपने मुख्यलय को एक रिपोर्ट सौंपी है। पिछले हफ्ते शुकवार को ईडी ने राशन वितरण प्रणाली में घोटाले मामले के तहत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान टीएमसी समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मामले की एनआईए जांच की मांग
एक अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर ईडी अब एनआईए जांच की मांग कर सकता है। उन्होंने कहा, 'ईडी अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर दो पन्नों की रिपोर्ट रविवार को भेजा गया। हमने इस रिपोर्ट में हर एक मिनट का जिक्र किया है। इसी के साथ हमने हमले की वीडियो भी भेजी है। मीडिया रिपोर्ट भी भेजी गई है।'
अधिकारी ने आगे कहा, 'रिपोर्ट में उस दिन बशीरहाट पुलिस की भूमिका का भी जिक्र किया गया है कि हमला होते ही वे कैसे दो पहिया वाहनों पर सवार होकर भाग गए।' हमले को लेकर ईडी ने पहले ही नजात पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा चुकी है। आरोपी टीमसी नेता के परिवार और राज्य पुलिस ने भी केंद्रीय एजेंसी के खिलाफ अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई है।
बता दें कि घटना वाली रात राशन वितरण मामले में एक अन्य टीएमसी नेता शंकर आध्या के घर पर छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों को इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा था।
क्या था मामला
बोंगांव में टीएमसी नेता के करीबी सहयोगी की आइसक्रीम फैक्ट्री समेत दो अन्य स्थानों पर तलाशी रात 10 बजे तक जारी रही। ईडी अधिकारियों ने राशन घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल में कम से कम 15 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के संदेशखली में टीएमसी नेता शाहजहां शेख के आवास पर छापेमारी के दौरान भीड़ ने प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर हमला किया और उसके वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। टीम के तीन अधिकारियों को भीड़ के हमले में गंभीर चोटें आईं और उनके निजी सामान जैसे मोबाइल फोन और वॉलेट छीन लिए गए थे।