प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को धन शोधन के एक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी के नेता अनिल देशमुख के दो सहयोगियों के खिलाफ विशेष अदालत में करीब 6 हजार पन्नों का आरोपपत्र सौंपा। देशमुख के निजी सचिव (पीएस) संजीव पलांडे और निजी सहायक (पीए) कुंदन शिंदे के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया गया।
ईडी ने सौ करोड़ वसूली से जुड़े धनशोधन के मामले में देशमुख के पीएस और पीए को जून में गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनो जेल में हैं। इससे पहले सौ करोड़ वसूली के मामले में बांबे हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 21 अप्रैल को अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज किया था। उसके बाद इस मामले में ईडी की एंट्री हुई।
ईडी ने देशमुख और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू की थी। शिंदे के वकील एजाज खान ने सोमवार को कहा कि उन्हें आरोपपत्र की प्रति अभी नहीं मिली है। शिंदे छह जुलाई से न्यायिक हिरासत में हैं लेकिन अभी तक उनसे पूछताछ नहीं हुई है। उन्हें बस हिरासत में लिया गया है। अब आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
बता दें कि ईडी अनिल देशमुख को अब तक पांच बार तलब कर चुकी है लेकिन वह पेश नहीं हुए। आरोप है कि देशमुख ने गृहमंत्री पद का दुरुपयोग किया और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिव वाजे के जरिए मुंबई में विभिन्न बार से 4.70 करोड़ रुपए की वसूली की। रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास जिलेटिन लदी बिस्फोटक कार मिलने और कार के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के आरोप में वाजे जेल में हैं।