एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, 1974 के तहत एक आदेश तीन सितंबर को कोट्टायम के वीएस सुरेश बाबू, एके शाजी उर्फ पायसम शाजी, मोहम्मद शिबू, एट्टूमनूर के मोहम्मद शिजू और एर्नाकुलम के सिराज वी एस्साखान के खिलाफ जारी किया गया था।
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने तीन सौ करोड़ से ज्यादा के हवाला लेनदेन में कथित संलिप्तता के चलते पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को बताया कि इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, 1974 के तहत एक आदेश तीन सितंबर को कोट्टायम के वीएस सुरेश बाबू, एके शाजी उर्फ पायसम शाजी, मोहम्मद शिबू, एट्टूमनूर के मोहम्मद शिजू और एर्नाकुलम के सिराज वी एस्साखान के खिलाफ जारी किया गया था।
बयान के मुताबिक जांच में यह साबित हुआ है कि ये लोग विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) का उल्लंघन करते हुए पिछले कई सालों से बड़े पैमाने पर 300 करोड़ रुपये से अधिक के अंतरराष्ट्रीय हवाला कारोबार में शामिल थे।
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ईडी ने कहा कि आरोपियों को केंद्रीय जेल और राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित सुधार गृह भेज दिया गया है। हवाला, बैंकिंग और गैर-बैंकिंग दोनों माध्यमों से अवैध और धोखाधड़ी वाले केवाईसी-आधारित मौद्रिक लेनदेन को दर्शाता है।
ईडी ने 19 जून को मामले के सिलसिले में केरल के 14 स्थानों पर तलाशी ली थी। जिन जगहों पर छापा मारा गया था उनमें मनी एक्सचेंज की आड़ में कथित तौर पर हवाला लेनदेन करने वाली और उपहार की दुकानें, कपड़ा, आभूषण और रेडीमेड परिधान की दुकानें चलाने वाली संस्थाएं थीं। तलाशी के दौरान 4 करोड़ रुपये मूल्य की 15 से अधिक देशों की विदेशी मुद्राएं जब्त की गईं थी।
इसके बाद जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि डिजिटल रिकॉर्ड सहित जब्त की गई सामग्री के आधार पर यह साफ हो गया था कि संदिग्ध केवाईसी लिए बिना या बिल जारी किए बिना अवैध विदेशी मुद्रा लेनदेन में शामिल थे।