प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रोसेरी एजुकेशन ग्रुप में पार्टनर विनय विवेक अरान्हा को गिरफ्तार किया है। विनय विवेक अरान्हा को PMLA कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। ईडी ने विनय विवेक अरान्हा को सिटी सिविल और सत्र न्यायालय, मुंबई के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के सामने पेश किया गया। अदालत ने विनय विवेक अरान्हा को 20 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
आरोप है कि विनय विवेक अरान्हा ने संपत्ति के जाली दस्तावेजों की मदद से कोसमोस कॉपरेटिव बैंक से कुल 46 करोड़ रुपए का कर्ज लिया। इसके बाद इस कर्ज को डायवर्ट करके निजी उपयोग में ले लिया। पुणे पुलिस ने इस मामले में कोसमोस बैंक की शिकायत पर साल 2015 में मामला दर्ज किया था। बैंक ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन लिया। विनय विवेक अरान्हा ने बैंक से कुल 46.50 करोड़ रुपए का लोन लिया। जिसे साल 2015 और 2016 में ही नॉन परफॉर्मिंग एसेट घोषित कर दिया गया। इस मामले में साल 2021 में चार्ज शीट दाखिल की गई। मार्च 2021 में ईडी ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज की।
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अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि आरोपी ने कर्ज के पैसों को चल संपत्ति खरीदने, पूंजी निर्माण और पुनर्निर्माण के काम में खर्च कर दिया। कर्ज के पैसों से आरोपी ने कई इवेंट किए, जिनमें बॉलीवुड स्टारों को बुलाया गया। साथ ही इस पैसे से आरोपी ने कई लग्जरी कारें भी खरीदीं।