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इन मानकों के आधार पर तैयार होती है सूची
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ही ईज ऑफ लिविंग को भी बेहतर करने पर जोर दिया है, ऐसे में यह सूची बेहद अहम है। सरकार शहरी विकास पर खर्च का निर्धारण भी इसी सूची को प्राथमिकता में रखते हुए करती है। ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स पहली बार 2018 में जारी किया गया था। यह सूची सरकार, पहचान और संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, किफायती आवास, भूमि योजना, पार्क, परिवहन, जल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण की गुणवत्ता जैसे 15 मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।
ये नगर निगम हैं उदाहरण
मंत्रालय ने 'म्युनिसिपल परफॉर्मेंस इंडेक्स 2020' का ड्राफ्ट भी तैयार किया है। इसमें 10 लाख से अधिक आबादी वाली नगर निकायों में इंदौर सबसे आगे हैं। इसके बाद सूरत और भोपाल का नंबर आता है। वहीं गुवाहाटी, कोटा और श्रीनगर जैसे शहर आखिरी पायदान पर हैं। 10 लाख से कम आबादी वाले नगर निकायों की सूची में नई दिल्ली नगर निकाय शीर्ष पर है। वहीं 10 लाख से कम आबादी वाले नगर निकायों में शिलॉन्ग, इम्फाल और कोहिमा आखिरी पायदान पर हैं।