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Earthquake: धरती के कांपने से पहले की तैयारियों से आपातकालीन किट तक, भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 03 Oct 2023 05:16 PM IST

सार

Earthquake Do's and Don'ts: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देश कहते हैं कि भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है।
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भूकंप से बचाव के तरीके - फोटो : AMAR UJALA

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार दोपहर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के बाद दहशत में लोग दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए।6.2 तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र नेपाल के दिपायल से 38 किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर गहराई में था। 

भूकंप के झटकों से लोगों में डर का माहौल है। हालांकि, भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। आइये हम आपको बताते हैं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के बारे में कि भूकंप के आने से पहले क्या करना चाहिए? वहीं क्या चीजें हैं जो नहीं करनी चाहिए? भूकंप के दौरान क्या करें

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भूकंप से बचाव के तरीके - फोटो : AMAR UJALA

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार दोपहर भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों के बाद दहशत में लोग दफ्तर और घरों से बाहर निकल गए।6.2 तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र नेपाल के दिपायल से 38 किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर गहराई में था। 

भूकंप के झटकों से लोगों में डर का माहौल है। हालांकि, भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। आइये हम आपको बताते हैं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के बारे में कि भूकंप के आने से पहले क्या करना चाहिए? वहीं क्या चीजें हैं जो नहीं करनी चाहिए? भूकंप के दौरान क्या करें

पेड़ों से दूर रहें। - फोटो : अमर उजाला

भूकंप आने से पहले क्या करें?

  • छत तथा नींव के पलास्तर में पड़ी दरारों की मरम्मत कराएं। यदि कोई संरचनात्मक कमी का संकेत हो तो विषेशज्ञ की सलाह लें।
  • सीलिंग में ऊपरी (ओवरहेड) लाइटिंग फिक्सचर्स (झूमर आदि) को सही तरह से टांगें।
  • भवन निर्माण मानकों हेतु पक्के इलाके में प्रासंगिक बीआईएस संहिताओं का पालन करें।
  • दीवारों पर लगे शेल्फों को सावधानी से कसें।
  • नीचे के शेल्फों में बड़ी अथवा भारी वस्तुओं को रखें।
  • सांकल/चिटकनी वाली लकड़ी की निचली बंद कैबिनेटों में भंगुर (ब्रेकेबल) मदें जैसे बोतलबंद खाद्य सामग्री, गिलास तथा चीनी मिट्टी के बर्तन को रखें।
  • भारी चीजों जैसे तस्वीर तथा सीसे आदि को, बिस्तर, सेटीज (सोफा, बेंच या कोच) तथा जहां भी लोग बैठते हैं, से दूर रखें।
  • फैन फिक्चर्स तथा ओवरहेड लाइट को नट-बोल्ट की मदद से अच्छी तरह फिट कराएं।
  • खराब या दोषपूर्ण बिजली की तारों तथा लीक करने वाले गैस कनेक्शनों की मरम्मत कराएं जिनसे आग लगने के जोखिम की आशंका होती है।
  • पानी गर्म करने का हीटर, एलपीजी सिलेंडर आदि को दीवार के साथ अच्छी तरह कसवाएं बंधवाएं अथवा फर्श पर बोल्ट कसवा के उन्हें सुरक्षित बनाएं।
  • अपतृण-नाषी (वीड किलर्स), कीटनाशक तथा ज्वलनशील पदार्थों को सांकल वाले कैबिनेटों में तथा नीचे के शेल्फों में सावधानी से रखें।
  • घर के अंदर तथा बाहर सुरक्षित स्थानों को तलाश कर रखें।
  • मजबूत खाने की मेज, बिस्तर के नीचे।
  • किसी भीतरी दीवार के साथ।
  • उस जगह से दूर रहें जहां खिड़की, सीसे, तस्वीरों से कांच गिरकर टूट सकता हो अथवा जहां किताबों के भारी शेल्फ अथवा भारी फर्नीचर नीचे गिर सकता हो।
  • खुले क्षेत्र में बिल्डिंग, पेड़ों, टेलीफोन, बिजली की लाइनों, फ्लाईओवरों तथा पुलों से दूर रहें।
  • आपातकालीन टेलीफोन नंबरों को याद रखें (जैसे डाक्टरों, अस्पतालों, तथा पुलिस आदि के टेलीफोन नंबर)।
  • स्वयं और परिवार के सदस्यों को भूकंप के बारे में जानकारी दें।

आपदा आपातकालीन किट को तैयार रखें

  • अतिरिक्त बैटरियों सहित बैटरी चालित टॉर्च
  • बैटरी चालित रेडियो
  • प्राथमिक सहायता किट और मैनुअल
  • आपातकालीन खाद्य सामग्री (ड्राई आइटम्स) तथा पीने का पानी (पैक्ड तथा सीलबंद)
  • एक वाटरप्रूफ कंटेनर में मोमबत्तियों तथा माचिसें
  • चाकू
  • क्लोरीन की गोलियां तथा पाउडर-युक्त वाटर प्यूरिफायर
  • केन ओपनर
  • अनिवार्य दवाइयां
  • नकदी और क्रेडिट कार्ड
  • मोटी रस्सी तथा डोरियां
  • मजबूत जूते

एक आपातकालीन संचार योजना तैयार करना

  • यदि किसी स्थिति में परिवार के सदस्य एक-दूसरे से भूकंप के दौरान अलग हो जाएं आपदा के बाद वापस इकट्ठा होने के लिए एक योजना तैयार रखें।
  • राज्य से बाहर रहने वाले अपने रिश्तेदार या दोस्त को आपदा के बाद “पारिवारिक सूत्र” (फैमिली कांटेक्ट) के रूप में उपलब्ध होने के लिए कहें, अक्सर दूर स्थित व्यक्ति से बात करना आसान होता है। सुनिश्चित करें कि परिवार का हर व्यक्ति संपर्क सूत्र (कांटेक्ट पर्सन) का नाम, पता तथा फोन नंबर जानता हो।

अपने आसपड़ोस को तैयार रहने में मदद करें

  • अपने स्थानीय अखबार में एक विशेष खंड प्रकाशित करें जिसमें भूकंप पर चेतावनी सूचना उपलब्ध हो। स्थानीय आपातकालीन सेवा कार्यालयों तथा अस्पतालों के फोन नंबर प्रकाशित करें। सूचना को स्थानीय स्तर पर स्थान दें।
  • घर में खतरों को पता लगाने के लिए साप्ताहिक अवधि वाली श्रृंखलाओं का संचालन करें।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विषेश रिपोर्ट को तैयार करने हेतु स्थानीय आपातकालीन सेवाओं तथा अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ इस पर बात काम करना कि भूकंप के दौरान उनके लिए क्या किया जाए।
  • घर में भूकंप से निपटने के लिए कवायदों (ड्रिल) के संचालन पर उपयोगी सुझाव देना।
  • अपने आसपास अपनी जानकारी को भवन निर्माण संहिताओं पुनर्निर्माण/पुनःमरम्मत (रेट्रोफिटिंग) कार्यक्रमों, खतरे के बारे में पता लगाने, आस-पड़ोस तथा परिवार के लिए आपातकालीन योजनाओं को बनाने में प्रयोग करने के लिए मिल-जुलकर काम करें।

भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।

किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें - फोटो : अमर उजाला

भूकंप के दौरान क्या करें?
यदि आप घर के अंदर हों

  • आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
  • किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
  • सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
  • भूकंप के शुरू होने पर, यदि आप उस समय पलंग पर हों तो पलंग पर ही रहें। अपने सिर पर किसी तकिए को ढककर बचाएं जब तक कि आप किसी भारी लाइट फिक्सचर जो गिर सकती हो, के नीचे न आएं। यदि ऐसी स्थिति हो तो पास के किसी सुरक्षित स्थान की ओर खिसक जाएं।
  • शरण लेने के लिए तभी ऐसे किसी दरवाजे से निकलकर बाहर जाएं जब वह आपके निकट हो और आप जानते हों कि ये किसी सशक्त सहारे (सपोर्ट) वाला है या यह सशक्त और वजन को झेल सकने वाला दरवाजा है।
  • जब तक भूकंप के झटके न रुकें तथा बाहर जाना सुरक्षित न हो तब तक अंदर रुके रहें। अनुसंधान से यह पता चला है कि ज्यादातर चोटें तब लगती है जब भवन के अंदर मौजूद लोग किसी दूसरी जगह अथवा बाहर जाने का प्रयास करते हैं।
  • ध्यान रखें कि बिजली कभी भी जा सकती है अथवा स्प्रिंकलर सिस्टम अथवा चेतावनी वाले फायर अलार्म कभी भी चालू हो/बंद हो सकते हैं।

- फोटो : amar ujala

यदि आप घर के बाहर हों

  • यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
  • यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।

Car - फोटो : BMW

यदि किसी चलते वाहन में हों

  • जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
  • सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप द्वारा क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।

माचिस की तीली को न जलाएं।

यदि मलबे के नीचे फंसे हों

  • माचिस की तीली को न जलाएं।
  • धूल न उड़ाएं अथवा हिले-डुले नहीं।
  • अपने मुंह को किसी रुमाल अथवा कपड़े से ढकें।
  • किसी पाइप या दीवार को थपथपाएं ताकि बचाने वाले आपको ढूंढ सकें। यदि उपलब्ध हो तो सीटी का उपयोग करें। अगर और कोई उपाय न हो तो तेजी से चिल्लाएं।  
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