नार्दन अलायंस ने दावा किया है अहमद मसूद की लीडरशिप में रजिस्टेंस फोर्सेज ने तालिबानियों के कब्जे वाले बदख्शां राज्य के चार जिलों को अपने कब्जे में ले लिया है। एलायंस का दावा है रजिस्टेंस फोर्स ने बड़ी देर तक चले युद्ध के बाद इस राज्य को अपने कब्जे लिया है। जबकि तालिबानियों की सेना अमेरिका के तमाम अत्याधुनिक हथियारों और गोला बारूद के साथ इस राज्य को बचाने के लिए लगी थी। बावजूद इसके रजिस्टेंस फोर्सेस के लड़ाकों ने इसको अपने कब्जे में ले लिया। पंजशीर घाटी को बचा रहे लड़ाकू के मुताबिक जल्द ही आसपास के कई और राज्यों पर भी नॉर्दन एलायंस का कब्जा होगा।
कमांडर बाबा की तैनाती के बाद नॉर्दन एलायंस का दावा है कि उनकी रजिस्टेंस फोर्सेज ने अफगानिस्तान के तालिबानियों द्वारा कब्जाए गए परवान राज्य के सैलंग को भी कब्जे में ले लिया गया। नॉर्दन एलायंस के प्रवक्ता के मुताबिक सैलंग इलाका पूरी तरीके से अब रजिस्टेंस फोर्स के पास है। इसके अलावा इसी राज्य की राजधानी को भी रजिस्टेंस फोर्स ने अपने कब्जे में ले लिया है। लड़ाई लड़ रहे 200 से ज्यादा तालिबानियों ने उनकी फोर्स के सामने सरेंडर कर दिया है। नॉर्दन एलायंस के मुताबिक जल्द ही तालिबानियों के कब्जे से पंजशीर घाटी के लगते हुए बहुत से इलाकों को उनके चंगुल से खाली करा लिया जाएगा।
रक्षा मामलों के विशेषज्ञ कर्नल (रि.) एसएम साहा कहते हैं कि जिस तरीके से नॉर्दन एलायंस के लड़ाके तालिबानियों से मुकाबला कर रहे हैं और निश्चित तौर पर तालिबानियों के लिए बड़ी चिंता की बात है। उन्होंने बताया कि नॉर्दन एलायंस के लड़ाकुओं ने ख्वाक युद्ध में भी बड़ी जीत हासिल की है। नॉर्दन एलायंस ने इस युद्ध में पंजशीर के बड़े कमांडर खालिद अमीरी को जिम्मेदारी दी थी। इसके अलावा कमांडर हसीब को भी रजिस्टेंस फोर्सेज ने रजिस्टेंस-2 के लिए तालिबानियों के विरोध में बड़ा टास्क दिया है।
कमांडर बाबा और कमांडर हसीब समेत अहमद मसूद की अगुवाई में तालिबानियों के कब्जे वाले ठक्कर राज्य के ख्वाजा गढ़ में भी रजिस्टेंस फोर्सेज ने अपनी पैठ बना ली है। नॉर्दन एलायंस के मुताबिक ढाई दशक पहले शुरू हुए तालिबानियों के विरोध के दौरान भी यही इलाका सबसे पहला गढ़ था, जिसने तालिबानियों के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की थी। अहमद मसूद और उनकी सेना ने एक बार फिर से इस गढ़ से आजादी की लड़ाई के लिए अपने लड़ाकों को तैयार करना शुरू कर दिया है।