गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर नवंबर, 2019 में करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोला गया था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण यह पिछले साल मार्च महीने से बंद है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध समिति (डीएसजीएमसी) ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि कोविड के हालात काबू में होने के मद्देनजर करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोला जाए। डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'लगभग सभी राज्यों ने लॉकडाउन हटा लिया है। हम भारत सरकार से अपील करते हैं कि कॉरिडोर को पुन: खोला जाए क्योंकि कोरोना वायरस के मामलों में कमी आई है और हालात काबू में हैं।'
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मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'कॉरिडोर पर आवागमन शुरू होने के बाद दूरबीन भी हटा ली गई हैं।' इससे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने भी केंद्र सरकार से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को फिर से खोलने का अनुरोध किया था। बता दें कि एसजीपीसी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गुरुद्वारों का प्रबंधन संभालती है।
इस कॉरिडोर को खोलने से पहले भारत से सिख श्रद्धालु डेरा बाबा नानक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगाई गई बड़ी दूरबीनों के माध्यम से गुरद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करते थे। उल्लेखनीय है कि इस गलियारे के माध्यम से सिख श्रद्धालु गुरद्वारा करतारपुर साहिब तक की यात्रा बिना वीजा के कर सकते हैं। पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित इस स्थान पर सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे।