राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने मंगलवार को गरीबों के हितों का ध्यान रखने के लिए वाणिज्यिक सेवा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी निर्णय लेते समय पिछड़े वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाए।
भारतीय आर्थिक सेवा के प्रवोशनर्स अधिकारियों के बैच 2022-2023 की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के साथ बैठक हुई। इस बैठक में मुर्मू ने नीतियों को गरीब के हितों को ध्यान में रखकर बनाने के लिए कहा। उन्होंने कि आर्थिक वृद्धि देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। "मैक्रो और माइक्रो आर्थिक संकेतक प्रगति के मानक माने जाते हैं। सरकारी नीतियों, योजनाओं को प्रभावी और उपयोगी बनाने में अर्थशास्त्रियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक सेवा अधिकारियों से कहा कि नीति संबंधी सुझाव देते समय या कोई निर्णय लेते समय पिछडे वर्ग का ध्यान रखें।
दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा भारत
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में सभी को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के अनगिनत अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इन अवसरों का समुचित लाभ उठाकर देश का विकास करें।
तकनीक के जरिए बढ़ाएं कार्य में कुशलता
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि युवा भारतीय आर्थिक सेवा (आईईएस) अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे नए विचारों, तरीकों और तकनीकों के माध्यम से अपनी कार्य कुशलता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि उनकी रचनात्मकता इस तेजी से बदलते युग में देश के लिए प्रगति के नए द्वार खोलने में मदद करेगी। डाटा के विश्लेषण और साक्ष्य-आधारित विकास कार्यक्रमों के कार्यान्वयन से सरकार को लोगों के आर्थिक उत्थान में तेजी लाने में मदद मिली है।
2022-2023 के बैच में अधिक महिला अधिकारी
राष्ट्रपति ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस बैच में 60 प्रतिशत से अधिक आईईएस महिलाएं हैं। महिलाओं की इस तरह की बढ़ती भागीदारी से भारत का समावेशी विकास हो सकेगा। उन्होंने महिला अधिकारियों से कहा कि वे महिलाओं के सर्वांगीण विकास पर काम करें।