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डीआरडीओ ने वायुसेना को दिया दूसरा स्वदेश विकसित अवाक्स विमान 'नेत्र'

Wed, 11 Sep 2019 07:41 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नेत्र विमान के साथ भारतीय वायु सेना के सैनिक - फोटो : एएनआई
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज दूसरा स्वदेश विकसित अवाक्स यानी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट (प्रारंभिक चेतावनी व नियंत्रण विमान) 'नेत्र' भारतीय वायु सेना के सुपुर्द किया। पश्चिमी एयर कमांड चीफ एयर मार्शल आर नेम्बियर नांबियार ने बठिंडा हवाई अड्डे पर स्वीकृति समारोह में विमानों को स्वीकार किया।

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बालाकोट एयर स्ट्राइक में बना था मिराज की आंखें और दिमाग

बता दें कि 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद पर की गई एयर स्ट्राइक में वायु सेना ने अवाक्स विमान नेत्र का इस्तेमाल किया था। एयर स्ट्राइक के दौरान नेत्र ने मिराज 2000 की आंखों और दिमाग का काम किया था। नेत्र की डिटेक्शन क्षमता इतनी ताकतवर है कि यह पायलट को आने वाली मिसाइलों की जानकारी भी देता है।

डीआरडीओ ने 2007 में शुरू किया था विकसित करने का काम

नेत्र को विकसित करने का काम साल 2007 में शुरू हुआ था। इसे तैयार करने में 2460 करोड़ रुपये की लागत आई थी। साल 2017 में नेत्र का एक संस्करण वायु सेना को दिया गया था। पांच फ्लाइट कंट्रोल की क्षमता रखने वाला नेत्र पांच घंटे तक हवा में रह सकता है वहीं रिफ्यूल करने पर यह नौ घंटे तक उड़ान भर सकता है। इसके साथ ही यह रडार के सिग्नल को भी पकड़ सकता है। 

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