किसी बच्चे की दो साल तक की उम्र सीखने के लिहाज से इतनी महत्वपूर्ण होती है कि कई मामलों में यह पूरी जिंदगी की सीखने की क्षमता पर भारी पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे के मस्तिष्क का सबसे तेज विकास इसी दौरान होता है। अगर किसी वजह से इस दौरान बच्चे के मस्तिष्क के विकास पर गलत प्रभाव पड़ जाता है, तो इसका दुष्प्रभाव उसे पूरी जिंदगी झेलना पड़ता है। साथ ही उसके आईक्यू स्तर पर भी असर पड़ता है, जो बाद में वयस्क होने पर उसके करियर को भी प्रभावित करता है। इसके लिए बच्चों की दो साल की उम्र तक खान पान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
मां में पोषक तत्वों की कमी पड़ सकती है भारी
राष्ट्रीय पोषण मिशन माह (सितंबर) पर आयोजित यूनीसेफ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए डॉक्टर अजय खेरा ने कहा कि बच्चे के जन्म के पहले के 270 दिन और जन्म के बाद के दो वर्ष के कुल एक हजार दिन में बच्चे के पोषण का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दौरान मां के पोषण की कमी भी बच्चे के विकास को बहुत प्रभावित करती है। इसलिए इस दौरान मां के पोषण का भी ध्यान दिया जाना चाहिए। लेकिन चिंताजनक बात यह है कि 15 वर्ष से 49 वर्ष के बीच की 51 फीसदी भारतीय महिलाओं में खून की कमी होती है। डॉक्टर अजय खेरा के मुताबिक इसका सीधा नकारात्मक असर बच्चे के विकास पर पड़ता है।
बाल मृत्यु में आई कमी
आंकड़ों के मुताबिक भारत में प्रति वर्ष लगभग 2.6 करोड़ बच्चे पैदा होते हैं। यूनेस्को के आंकड़ों के मुताबिक भारत के लिए यह खबर संतोषजनक है कि बच्चों के मौत के मामलों में कमी आई है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मौत के आंकड़ों में 30 फीसदी की कमी आई है। मौजूदा समय में पांच वर्ष से कम बच्चों की मौत का आंकड़ा 39 प्रति एक हजार है। सरकार इस आंकड़े को तेजी से कम करने के लिए यूनेस्को और विश्व स्वास्थ्य संगठन से मिलकर अभियान चला रही है। डायरिया और न्यूमोनिया से होने वाली बच्चों की मौतों का आंकड़ा वर्ष 2025 तक तीन बच्चे प्रति एक हजार तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरों में बच्चों की स्थिति
पढ़े-लिखे, खाने पीने में सक्षम और योग्य समझे जाने वाले शहरी इलाकों में भी बच्चों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 31 फीसदी शहरी बच्चों की औसत ऊंचाई कम रह जा रही है। वहीं 29.1 फीसदी बच्चों का वजन सामान्य से कम रह जाता है। लगभग 56 फीसदी बच्चों में खून की कमी होती है। किशोरियों में भी खून की कमी बहुत ज्यादा पाई गई है।