सवाल: सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप में भी बड़ी भूमिका अदा की। आप इसको किस नजर से देखते हैं?
जवाब: 100 करोड़ टीकाकरण की इस उपलब्धि को हासिल करने में करने में सरकार की जरुरतों के अनुसार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी) ने निश्चित तौर पर न सिर्फ बेहतरीन काम किया बल्कि सौ करोड़ टीकाकरण में बहुत योगदान भी दिया। चाहे वह कोविन प्लेटफार्म को स्थापित करना हो या प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग आयु वर्ग के समूहों के लोगों का टीकाकरण करना हो, बड़े और व्यापक टीकाकरण अभियान में छोटे निर्णयों को भी ध्यान में रखा गया। जिसके परिणामस्वरूप सौ करोड़ टीकाकरण का मुकाम हासिल किया गया।
सवाल: आईसीएमआर ने भारत बायोटेक के साथ मिलकर पहली बार स्वदेशी वैक्सीन को विकसित किया है। इस सार्वजनिक निजी भागीदारी के क्या महत्वपूर्ण अनुभव रहे?
उत्तर- मुझे ऐसा लगता है कि इस तरह से वैक्सीन को बनाने और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के साथ काम करने से एक दूसरे के प्रति विश्वास और क्षमताओं पर भरोसा पहले से अधिक बढ़ा है। वैक्सीन विकास पर काम करने की शुरुआत के समय से ही हमने (आईसीएमआर-भारत बायोटेक) यह स्पष्ट रूप कर लिया था कि किसी भी तरह के वैज्ञानिक परीक्षण या विकास को एक वैज्ञानिक आधार के साथ किया जाएगा। और किए गए काम के दस्तावेजों को साइंटिफिक जर्नल वैज्ञानिक शोध पत्रिका में प्रकाशित कराया जाएगा। जो हमने किया। वैक्सीन परीक्षणों के इन अध्ययनों में अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की प्रमाणिकता को भी प्रभावी तरीके से शामिल किया गया।
सवाल: जिस तरीके से पीपीपी मॉडल के साथ कोविड वैक्सीन को डिवेलप करने में सफलता हासिल हुई क्या अन्य बीमारियों के लिए भी इस तरीके का प्रयोग किया जाएगा।
जवाब- हां बिल्कुल। इस तरह का मॉडल अन्य बीमारियों के लिए टीके विकसित करने के लिए भी कर सकते हैं। जब जहां जैसी जरूरत होगी, उसके हिसाब से ही आगे की योजनाएं बनेंगी और रूपरेखा तैयार कर हम लोग नए मानदंड स्थापित करते चले जाएंगे। आज जिस तरीके से हम सौ करोड़ लोगों को टीका लगाने वाले देश बन चुके हैं, उससे पूरी दुनिया में हमारी एक अलग ना सिर्फ धाक बनी है बल्कि 'वैक्सीन सुपर पावर कंट्री' के तौर पर भी हमारी पहचान बनी है।
सवाल: आपको क्या लगता है कि इस साल के अंत तक सभी वयस्कों को टीका लगाने के लक्ष्य तक पहुंच सकेंगे?
जवाब: मुझे ऐसा लगता है कि इस समय हम सबसे अधिक तेज गति से वैक्सीन लगाने की एक बेहतर मशीनरी के तहत काम कर रहे हैं। ऐसे में हमारा पूरा महकमा अपने तय टारगेट को पाने में लगा हुआ है और हम तेजी से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।