शाकाहार-सदाचार और मद्य निषेध के प्रति जागरूकता के लिए शनिवार को जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था की ओर से निकाली गई पैदल शोभायात्रा में भगदड़ मचने से 24 अनुयाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा वाराणसी-मुगलसराय को जोड़ने वाले राजघाट पुल के पास दोपहर करीब पौने दो बजे तब हुआ जब जयगुरुदेव के अनुयाइयों और वाहनों के रेले में शामिल एक महिला पुल टूटने की आशंका से शोर मचाते हुए गिर पड़ी। इसके बाद लोग एक-दूसरे पर गिरते-पड़ते भागने लगे। भीड़ में कुचल कर मरने वालों में 15 महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं।
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इस हादसे में सौ से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की बात कही जा रही है। 15 से अधिक घायलों को लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय रामनगर में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर दो घायलों को बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हादसे में मरने वालों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे आईजी एसके भगत, डीआईजी संजीव गुप्ता के अलावा वाराणसी और चंदौली के डीएम ने भगदड़ की वजहों की पड़ताल शुरू कर दी है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गहरा दुख जताया है।
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Deeply saddened by the loss of lives in the stampede in Varanasi. Condolences to the bereaved families. Prayers with those injured.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 15, 2016
दो एएसपी, एक सीओ और दो थानेदार सस्पेंड
वाराणसी
- फोटो : अमर उजाला
राजघाट पुल पर हुए हादसे के संबंध में शनिवार की रात सर्किट हाउस में हुई डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह और एडीजी लॉ एंड आर्डर की बैठक में घटना का प्रथम दृष्टया कसूरवार तीन अधिकारियों (दो एएसपी, एक सीओ) और दो थानेदारों को पाया गया। सभी पांचों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
डीजीपी जावीद अहमद ने यहां सर्किट हाउस में बैठक के बाद अपने ट्वीटर अकाउंट पर रात 10:49 बजे जानकारी दी कि वाराणसी के एसपी ट्रैफिक कमल किशोर, एसपी सिटी सुधाकर यादव, सीओ कोतवाली राहुल मिश्रा, एसओ रामनगर अनिल कुमार सिंह और एसओ मुगलसराय विनोद यादव को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नम्बर
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने राजघाट पर हुए भगदड़ में मृतकों व घायलों के संबंध में सूचना प्राप्त करने के लिये कलेक्ट्रेट में जन सुबिधा केंद्र खोल दिया गया है। जिसका टेलीफोन नंबर 0542- 2508464 है।
मथुरा की जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के अध्यक्ष पंकज महाराज के दो दिन चलने वाले महामानव संगम आध्यात्मिक सत्संग के पहले दिन की शुरुआत सुबह आठ बजे चंदौली जिला स्थित डोमरी-कटेसर स्थित आश्रम से शोभायात्रा निकलने के साथ हुई। हादसा दोपहर पौने दो बजे राजघाट पुल पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही के बीच एक वृद्धा के पुल टूटने की आशंका को लेकर शोर मचाने के बाद हुआ। इसके बाद भगदड़ मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते भागने लगे।
इस महामानव संगम में हिस्सा लेने के लिए बाबा जयगुरुदेव के तीन लाख से अधिक अनुयाइयों के उमड़ने से पैदल शोभायात्रा जब वाराणसी के लिए निकली तब राजघाट पुल से लेकर भदऊ चुंगी, प्रह्लाद घाट, मछोदरी, मैदागिन चौराहा होते हुए बुलानाला, चौक, गोदौलिया, गिरजाघर, नई सड़क, बेनियाबाग, चेतगंज, लहुराबीर तक की सड़कें दोपहर 12 बजे से अनुमान से ज्यादा भीड़ होने के कारण पूरी तरह जाम हो गईं। पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन इसे नियंत्रित नहीं कर पाया।
सुबह आठ बजे से निकली यात्रा का सिलसिला दोपहर दो बजे तक भी नहीं टूटा था। एक तरफ से भीड़ आती रही और दूसरी तरफ से जाती रही। इस हादसे में मरने वाले 20 लोगों में अभी तक रायबरेली के नवल किशोर (50), उनकी पत्नी सावित्री मिश्रा (48), सीतापुर की राजवंती (65), हरदोई की रामवती (50) की शिनाख्त हो सकी है। घटना स्थल पर सैकड़ों श्रद्धालुओं के जूते, चप्पल बिखरे होने से इस भगदड़ की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।