Salman Rushdie: प्रख्यात उपन्यासकार सलमान रुश्दी ने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी जान लेने की कोशिश करने वाले को प्रचार मिले। वे हमलावर को प्रचार का ऑक्सीजन नहीं लेने देता चाहते थे। लंदन के साउथबैंक सेंटर में रविवार को एक साहित्यिक कार्यक्रम को न्यूयॉर्क से वर्जुअली संबोधित करते हुए रुश्दी ने यह बात कही।
बुकर पुरस्कार विजेता और ख्यातिप्राप्त लेखक सलमान रुश्दी ने अपने नए संस्मरण 'नाइफ: मेडिटेशंस आफ्टर अटेंम्टेड मर्डर' में उनकी हत्या की कोशिश वाले के नाम का खुलासा नहीं करने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी जान लेने की कोशिश करने वाले को प्रचार मिले। वे हमलावर को प्रचार का ऑक्सीजन नहीं लेने देता चाहते थे। लंदन के साउथबैंक सेंटर में रविवार को एक साहित्यिक कार्यक्रम को न्यूयॉर्क से वर्जुअली संबोधित करते हुए रुश्दी ने यह बात कही।
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76 वर्षीय ब्रिटिश-अमेरिकी उपन्यासकार रुश्दी, लेखक और आलोचक एरिका वैगनर के साथ खुद पर चाकू से हुए हमले के बारे में बातचीत कर रहे थे। इस हमलें में उन्होंने अपनी एक आंख हमेशा के लिए खो दी थी।
उन्होंने पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर को "प्रचार का ऑक्सीजन" (Oxygen of Publicity) वाक्यांश का श्रेय दिया, जिसका उपयोग थैचर ने 1980 के दशक में आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (IRA) के हिंसक हमलों के संदर्भ में किया था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि इसी वाक्यांश से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी पुस्तक में हमलावर को केवल "A" के रूप में संदर्भित किया है।
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उन्होंने कहा, "वह वाक्यांश, प्रचार का ऑक्सीजन, किसी तरह मेरे दिमाग में बैठक। मैंने सोचा उस आदमी की 27 सेकंड की प्रसिद्धि थी और अब उसे फिर गुमनामी में ही रहना चाहिए। मैं उनका नाम नहीं लेने जा रहा हूं, मैं अपनी किताब में उनका नाम नहीं चाहता। इस लिए मैंने पुस्क्तक में उसके नाम की जगह सिर्फ "A" का ही इस्तेमाल किया।"
रुश्दी अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क के चौटौक्वा इंस्टीट्यूशन में मंच पर थे, जब उनपर आरोपी हादी मातर ने चाकू से 10 बार हमला किया था। वह आरोपी जेल में हत्या के प्रयास के इस मामले में फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है।