'गैरजरूरी दवाओं का परामर्श देना उचित अभ्यास नहीं'
चिकित्सकों ने कहा, 'हमने पिछले दो सप्ताह में कई चिकित्सकीय परामर्शों की समीक्षा की है, जिनमें कई कोविड-19 किट और कॉकटेल भी शामिल हैं। कोरोना वायरस के इलाज के लिए विटामिन के कॉम्बिनेशन, एजिथ्रोमाईसीन, डॉक्सीसाइक्लीन, हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, फैविपिराविर और आइवरमेक्टिन की दवाओं का परामर्श देना उचित नहीं है।' पत्र में कहा गया कि सरकारों और मेडिकल संगठनों को ऐसे अभ्यासों पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
'अतिरिक्त जांच कराने की भी कोई आवश्यकता नहीं है'
इस पत्र में अनुचित दवाओं के लिए भारत में म्यूकरमाइकोसिस और ब्राजील में एस्परगिलोसिस जैसे कवक संक्रमण को जिम्मेदार बताया गया है। इसके साथ ही इस पत्र में यह भी कहा गया है कि अधिकतर कोविड मरीजों को उनकी रैपिड एंटीजेन जांच या आरटी-पीसीआर जांच पॉजिटिव आने के बाद किसी तरह की कोई अतिरिक्त जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, कुछ मामलों में घरेलू स्तर पर ऑक्सीजन स्तर के मापने की जरूरत पड़ सकती है।
'ओमिक्रॉन अधिक संक्रामक है लेकिन इतना घातक नहीं'
वहीं, ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर पत्र में कहा गया है कि यह वैरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जो पूर्व में संक्रमित हो चुके हैं या टीकाकरण करवा चुके हैं। लेकिन, इससे संक्रमण की वजह से मृत्यु दर कम रहेगी। पत्र में चेतावनी दी गई है कि मरीज बिना चिकित्सकीय स्पष्टीकरण के अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है और कोविड संक्रमितों के अलावा अन्य मरीजों को इलाज कराने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।