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क्या आप जानते हैं किस जानवर का जबड़ा है सबसे ताकतवर?

Sun, 28 Aug 2016 06:44 PM IST
एला डेविस/ बीबीसी अर्थ
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- फोटो : bbc
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आपने बहुत से जानवरों को शिकार करते हुए देखा होगा, पर कभी सोचा है कि जब ये शिकारी जानवर अपने शिकार पर हमला करते हैं तो किसका झपट्टा सबसे ताकतवर होता होगा। मगरमच्छ, शेर, सांप या शार्क का। चलिए आज अंदाजा लगाते हैं कि किस जानवर का निवाला सबसे ताकतवर होता है।
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व्हेल आज की तारीख में दुनिया की सबसे बडी जीव है। इसकी कई नस्लें हैं। इनमें से बोहेड व्हेल का मुंह आज दुनिया में किसी भी जानवर में सबसे बडा माना जाता है। लेकिन वो अपने मुंह से किसी को काटती नहीं।

किसी पर मुंह से झपट्टा मारकर उसे चबाने के लिए जानवर के पास बडा सा मुंह, फिर उसमें खतरनाक नुकीले दांत और ताकतवर पेशियां होनी चाहिए। तो पहली बात ये है कि हर वो जानवर जिसके दांत हैं वो शिकार को चबाता नहीं।
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जैसे कि घोंघे की जीभ जैसे रेडुला नाम के अंग पर हजारों दांत होते हैं। मगर इससे वो काटता नहीं। इन दांतों को वो खरोंचने के काम में लाता है।

नीली व्हेल दुनिया की सबसे बडी जीव

- फोटो : bbc
इसी तरह नीली व्हेल दुनिया की सबसे बडी जीव है। मगर इसके दांत नहीं होते। इसके मुकाबले स्पर्म व्हेल के गांत काफी तेज और बडे होते हैं। लेकिन स्पर्म व्हेल की बाइट को भी सबसे ताकतवर नहीं कहा जा सकता क्योंकि इसके सिर्फ निचले जबडे में दांत होते हैं।

आम तौर पर स्पर्म व्हेल अपने शिकार को निगलती है, चबाती नहीं। रॉयल बेल्जियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल साइंस के ओलिवियर लैम्बर्ट कहते हैं कि आज शिकार पर झपट्टा मारकर चबाने के मामले में सबसे आगे है किलर व्हेल। मगर किलर व्हेल असल में व्हेल नहीं डॉल्फिन की एक नस्ल है।

इनके पचास के करीब दांत होते हैं

- फोटो : bbc
ये 31 फुट तक लंबी होती हैं। इनके पचास के करीब दांत होते हैं। इन दांतों से वो अपने शिकार को चीर-फाड डालती हैं। ये व्हेल से लेकर सील तक को अपना शिकार बनाती हैं। लेकिन किलर व्हेल या ओर्का, हमेशा झुंड में शिकार करती हैं।

ऐसे में किसी एक जानवर का सबसे ताकतवर झपट्टा बताने की रेस में इन्हें भी नहीं गिना जा सकता। इनके मुकाबले ग्रेट व्हाइट शार्क की बाइट ज्यादा ताकतवर होती होगी। क्योंकि इनके तीन सौ दांत होते हैं। ये सबसे खतरनाक शिकारी जानवर माने जाते हैं।

मगर दिक्कत ये है कि इनके जबडों में हड्डियां नहीं होतीं। तो फिर कैसे माना जाए कि इनकी बाइट सबसे ताकतवर होती है।

मगरमच्छ शिकार चबाते वक्त 16 हजार 414 न्यूटन तक का जोर लगाते हैं

- फोटो : bbc
इसके लिए जानवरों के शिकार को काटने के वक्त लगाई गई ताकत को नापने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलिया की न्यू इंग्लैंड यूनिवर्सिटी के स्टीफन रो ने कंप्यूटर की मदद से जानवरों के झपट्टा मारकर चबाने के वक्त लगाए गए जोर को नापा था।

पता ये चला कि किसी भी शार्क के झपट्टा मारकर चबाने में ज्यादा से ज्यादा 18,216 न्यूटन की ताकत लगती है। न्यूटन वो पैमाना है जिससे किसी चीज पर लगा जोर नापा जाता है।

इसको इस तरह से समझिए कि हमारे दांत जब बहुत ताकत लगाकर कोई चीज काटते हैं तो ये जोर ज्यादा से ज्यादा 1317 न्यूटन का होता है। धरती पर नापी गई किसी भी सबसे ताकतवर बाइट में नंबर एक पर आते हैं मगरमच्छ।

अमरीका की फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के ग्रेगरी एरिक्सन ने मगरमच्छों की 23 नस्लों के शिकार करते वक्त लगाई गई ताकत को नापा था। उनकी टीम ने पाया कि मगरमच्छ अपने शिकार को चबाते वक्त 16 हजार 414 न्यूटन तक का जोर लगाते हैं। धरती पर ये सबसे ताकतवर बाइट है।

मगरमच्छ की चबाने में लगाई गई ताकत, शार्क से कम

- फोटो : bbc
इससे पहले चितकबरे लकडबग्घे के झपट्टे को सबसे ताकतवर माना जाता था। वैसे मगरमच्छ की चबाने में लगाई गई ताकत, शार्क से कम है। मगर शार्क की बाइट की ताकत को कंप्यूटर से अंदाजा गया था। वहीं मगरमच्छ के झपट्टे को तो वाकई में आजमाया गया।

फिर जिन मगरमच्छों पर ग्रेगरी ने ये तजुर्बा किया था वो सबसे बडे मगरमच्छ वाली नस्ल के नहीं थे। इससे ये कहा जा सकता है कि उनके चबाने की ताकत और भी ज्यादा होगी।

इनके झपट्टे में 1240 से 4749 न्यूटन तक का जोर हुआ करता था

- फोटो : bbc
दक्षिण अमरीका में पाई जाने वाली पिर्हाना मछली की बाइट को भी काफी पॉवरफुल माना जाता है। लेकिन आज जो पिर्हाना मछलियां मिलती हैं, वो बहुत छोटी होती हैं। जबकि आज से करीब 90 लाख साल पहले इसकी बडी बहनें उसी इलाके में रहा करती थीं। इन्हें मेगापिर्हाना कहा गया।

ये तीन फुट तक लंबी होती थीं। माना जाता है कि इनके झपट्टे में 1240 से 4749 न्यूटन तक का जोर हुआ करता था। अब जब धरती से खत्म हो चुके जानवरों के ताकतवर झपट्टों की बात हो रही है तो इस रेस में कई और जानवर शामिल हो सकते हैं।
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इसका नाम वैज्ञानिकों ने लिवियाटन मेलविली रखा है

- फोटो : bbc
करीब 25 लाख साल पहले पाई जाने वाली मेगालोडॉन नाम की शार्क आज की शार्क से तीन गुने से भी ज्यादा लंबी होती थी। जाहिर है, इसकी बाइट भी काफी ताकतवर रही होगी। माना जाता है कि इसके झपट्टे में एक से दो लाख न्यूटन तक का जोर लगता होगा।

इतनी ताकत लगने पर एक कार का कचूमर निकल सकता है। जिस वक्त ये मेगालोडॉन शार्क धरती पर रहती थी, उसी वक्त व्हेल की भी एक नस्ल धरती पर बसर करती थी। इसका नाम वैज्ञानिकों ने लिवियाटन मेलविली रखा है।

इसके कुछ कंकाल मिले हैं। इस व्हेल का जबडा ही करीब दस फुट का होता था। वहीं इस व्हेल के दांतों की लंबाई करीब 14 इंच होती थी। इतने बडे जबडों और इतने खतरनाक दांत से लैस ये व्हेल जब शिकार पर झपटती रही होगी तो अपने शिकार पर कितनी ताकत से हमला करती होगी, इसका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है।
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