सरमा की टिप्पणी तब आई जब राहुल गांधी को सत्र (शंकरदेव की जन्मस्थली) जाने के रास्ते में हैबरगांव में रोका गया। जहां उन्होंने कांग्रेस नेताओं और समर्थकों के साथ धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रसिद्ध 'रघुपति राघव राजा राम' सहित विभिन्न भजन भी गाए। राहुल गांधी ने कहा, 'कानून और व्यवस्था संकट के दौरान, हर कोई वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान पर जा सकता है, केवल राहुल गांधी नहीं जा सकते।'
संयुक्त विपक्षी मोर्चा ने मांगा सरमा का इस्तीफा
वहीं, असम में 'संयुक्त विपक्षी मंच' ने आज मुख्यमंत्री सरमा से इस्तीफे की मांग की। इस मंच का आरोप है कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है, जिसके कारण 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान कांग्रेस नेताओं पर हमले हुए। यह मंच राज्य में 15 विपक्षी दलों का गठबंधन है। असम जातीय परिषद (एजेपी) के नेता लुरिन ज्योति गोगोई इसके महासचिव हैं।
रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने पत्रकारों से कहा, 'असम के गृहमंत्री के रूप में हिमंत बिस्व सरमा को इस्तीफा देना चाहिए। यह शर्मनाक है कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता पर हमला हुआ। जो हमारे राज्य के मेहमान हैं। यात्रा रविवार को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही थी। लेकिन, भाजपा के 'भाड़े के' लोगों ने राहुल गांधी के काफिले पर हमला किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के वाहन पर पथराव किया और पार्टी के राज्य इकाई के अध्यक्ष भूपेन बोरा को घायल कर दिया। अगर यह मान भी लें कि उन्होंने (हिमंत बिस्व सरमा) इन हमलों के लिए नहीं उकसाया, तो भी यह साफ तौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता है।'
उन्होंने कहा, 'यात्रा पर हमले विपक्षी नेताओं और लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में मुख्यमंत्री की अक्षमता दिखाते हैं। यह राज्य के लिए शर्म की बात है, जो अपनी मेहमाननवाजी और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।' मंच के नेताओं ने कहा कि सरमा को अपनी विफलता माननी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।