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Air India Tragedy: आज पूरी हो सकती है पीड़ितों की डीएनए प्रोफाइलिंग, परिजनों को नतीजों का इंतजार

Tue, 17 Jun 2025 05:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग की जा रही है। अब तक 119 लोगों के डीएनए मैच हो चुके हैं। एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि सभी पीड़ितों की डीएनए प्रोफाइलिंग मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक पूरी होने की उम्मीद है।  
 
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अहमदाबाद विमान हादसा। (फाइल) - फोटो : ANI
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विस्तार
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एअर इंडिया ड्रीमलाइनर विमान हादसे में जान गंवाने वाले सभी पीड़ितों की डीएनए प्रोफाइलिंग मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक पूरी हो सकती है। एक वरिष्ठ डॉक्टरों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। इससे अहमदाबाद में रुके हुए पीड़ितों के परिजनों का इंतजार और लंबा हो सकता है। 

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गुजरात के गांधीनगर, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के 54 विशेषज्ञ प्रोफाइलिंग और मिलान परीक्षण करने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। हालांकि, अब तक इस हादसे को लेकर कोई आधिकारिक अंतिम जानकारी नहीं दी गई है। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से सिर्फ एक बचा, बाकी सभी की जान चली गई। इसके अलावा कम से कम 30 लोग उस छात्रावास में मारे गए, जिसमें AI-171 विमान जा टकराया था।

119 पीड़ितों के डीएनए नमूने मैच 
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि 119 पीड़ितों के डीएनए नमूने मैच हो चुके हैं। 76 शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है। इसके अलावा, आठ अन्य शव, जिनके डीएनए नमूनों की आवश्यकता नहीं थी, शुक्रवार को परिजनों को सौंप दिए गए। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह तक कम से कम 14 और शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'सभी पीड़ितों की डीएनए प्रोफाइलिंग मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक पूरी हो जाएगी। हम इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।' 
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पूर्व सीएम रूपाणी का हो चुका अंतिम संस्कार
डॉ. जोशी ने बताया कि डीएनए प्रोफाइलिंग से पहचाने गए लोगों में से एक पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी थे, जिनका सोमवार को राजकोट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

12 जून को उड़ान भरते ही क्रैश हुआ था विमान 
गौरतलब है कि एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए रवाना हुआ था। हालांकि, उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान क्रैश हो गया। विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से जा टकराया। इस हादसे को भारत के पिछले 30 सालों का सबसे बड़ा विमान हादसा माना जा रहा है। हादसे के वक्त विमान में करीब 1.25 लाख लीटर ईंधन था। यह दोपहर 1:38 बजे उड़ा और कुछ ही मिनटों में नीचे गिरने लगा, जबकि उसका लैंडिंग गियर खुला हुआ था। टक्कर लगते ही विमान आग के गोले में बदल गया।

परिजनों को डीएन रिपोर्ट का इंतजार
बृहस्पतिवार से ही कई परिवार अहमदाबाद में हैं, लेकिन अभी तक उन्हें अपने परिजनों की पहचान या शव नहीं मिल पाया है। अधिकारी जले हुए शवों की पहचान करने और नमूने बरामद करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राजस्थान के बांसवाड़ा से आए लगभग 50-60 रिश्तेदार अहमदाबाद में डॉ. प्रतीक जोशी, उनकी पत्नी डॉ. कोमी व्यास, और उनके बच्चों 8 साल की मिराया और 5 साल के जुड़वां बच्चे नकुल और प्रद्युत के अवशेषों की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं। कोमी के पिता अनिल व्यास ने कहा, 'ये किसी बुरे सपने जैसा है। प्रतीक की पहचान हो गई है, लेकिन बाकी का इंतजार है। अस्पताल वालों ने कल तक जवाब देने का वादा किया है।' इसी तरह अन्य पीड़ितों के परिवार भी डीएनए जांच का इंतजार कर रहे हैं। 
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यूएई में रहने वाले भारतवंशी डॉक्टर ने 6 करोड़ की मदद का किया एलान
 संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले समाजसेवी डॉक्टर शमशीर वयालिल ने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से प्रभावित डॉक्टर व मेडिकल छात्रों के परिजनों की मदद के लिए छह करोड़ की मदद राशि का एलान किया है। यूएई की राजधानी अबू धाबी से राहत राशि की घोषणा करते हुए बुर्जील होल्डिंग्स के संस्थापक व अध्यक्ष तथा वीपीएस हेल्थ के प्रबंध निदेशक डॉ. शमशीर ने कहा कि जब उन्होंने दुर्घटना के बाद का दृश्य देखा तो बहुत दुखी हो गए। उन्होंने कहा कि वह मैंगलोर के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज और चेन्नई के श्रीरामचंद्र मेडिकल कॉलेज में अपनी चिकित्सा शिक्षा के दौरान इसी तरह के छात्रावासों में रहते थे।

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