दुनिया की नदियों में अब केवल पानी ही नहीं बल्कि बेहद खतरनाक तत्व पारा भी बह रहा हैं। नदियों के जरिए समुद्रों में पहुंचने वाला यह पारा अब औद्योगिक युग से पहले की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। तुलाने विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के संयुक्त शोध में इसका खुलासा किया है। पारा न सिर्फ जलीय जीवन बल्कि मानव स्वास्थ्य, खाद्य शृंखला और जैव विविधता के लिए बढ़ता हुआ खतरा है।
शोधकर्ताओं ने मोसार्ट-एचजी नामक एक कंप्यूटर मॉडल की सहायता से यह अध्ययन किया। मॉडल ने नदियों के माध्यम से समुद्रों तक पहुंचने वाले पारे की मात्रा का विश्लेषण किया, जो औद्योगिक युग से पहले की तुलना में आज कहीं अधिक है। मॉडल से मिले नतीजे दुनियाभर के तटीय क्षेत्रों से मिले तलछट के नमूनों से मेल खाते हैं, जिससे अध्ययन की सटीकता प्रमाणित होती है। 1850 से पहले नदियां हर साल औसतन 390 मीट्रिक टन पारा समुद्रों तक पहुंचाती थीं। आज यह मात्रा 1,000 मीट्रिक टन के करीब पहुंच गई है।
पक्षियों और वन्यजीवों के लिए घातक
नदियों में बढ़ता पारा वन्यजीवों और पक्षियों के लिए एक अदृश्य खतरा है। यह विषैली धातु सूक्ष्म जीवों से होते हुए मछलियों और अन्य जलीय जीवों में जमा हो जाती है। जब पक्षी और जंगली जानवर इन जीवों को खाते हैं, तो पारा उनके शरीर में पहुंचकर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इससे उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
पारा मानव के लिए धीमा जहर है। यह तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाता है, जिससे याददाश्त, ध्यान, भाषा और मोटर स्किल्स पर बुरा असर पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह और भी खतरनाक है, क्योंकि यह भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है। किडनी और हृदय संबंधी रोगों का खतरा भी बढ़ता है।
अमेरिका में सबसे ज्यादा 41% पारे का प्रदूषण
1850 के बाद से पारे का प्रदूषण उत्तर और दक्षिण अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ा है। दुनिया में कुल बढ़ोतरी का 41% यहीं से आया। इसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया 22 और दक्षिण एशिया 19% रहे।
अमेजन नदी में भयावह स्थिति
अमेजन नदी में अब हर साल 200 मीट्रिक टन से ज्यादा पारा बह रहा है, जिसमें से 75% मानवीय गतिविधियों से आ रहा है। जंगलों की कटाई और सोने का खनन इसके बड़े कारण हैं। चीन की यांग्त्जजी नदी में औद्योगिक गतिविधियों के चलते पारे का स्तर दोगुने से अधिक हो चुका है। यहां की नदियां अकेले क्षेत्रीय पारे का 70% तक ला रही हैं।