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Tamil Nadu: सत्तारूढ़ द्रमुक ने राज्यपाल पर साधा निशाना, कहा- उन्हें देश का इतिहास पढ़ाने का समय आ गया

Sat, 07 Jan 2023 10:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

द्रमुक ने राज्यपाल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें अब भारतीय इतिहास का पाठ पढ़ाने का समय आ गया है। थमिझगम और तमिलनाडु दोनों का मतलब मोटे तौर पर 'तमिलों की भूमि' है।
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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सत्तारूढ़ द्रमुक ने शनिवार को राज्यपाल आरएन रवि पर निशाना साधा। दरअसल, राज्यपाल ने कथित तौर पर तमिलनाडु की जगह थमिझगम नाम को राज्य के लिए अधिक उपयुक्त बताया। द्रमुक ने कहा कि तमिलनाडु की तरह कोई भी संविधान और कानून का सम्मान नहीं करता है। 

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द्रमुक ने अपने मुखपत्र मुसारोली में राज्यपाल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एक लेख प्रकाशित किया है। इसमें उसने कहा है कि राज्यपाल को अब भारत इतिहास का पाठ सिखाने का समय आ गया है। थमिझगम और तमिलनाडु दोनों का मतलब मोटे तौर पर 'तमिलों की भूमि' है। 

वह (रवि) कहते हैं कि तमिलनाडु शब्द एक संप्रभु राष्ट्र का सूचक है। आइए अन्य राज्यों के नामों पर गौर करें। राजस्थान कैसा है? क्या यह नाम पाकिस्तान, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की तरह नहीं लगता? महाराष्ट्र का अर्थ क्या है? क्या इसका मतलब यह नहीं है कि यह मराठा लोगों का देश है। क्या यह (नाम) स्वर में अलगाववादी हैं?
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तमिल दैनिक मुरासोली ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केरल की टैगलाइन 'भगवान का अपना देश' दिया। इसने पूछा कि क्या यह इस्तेमाल करना एक अलग राष्ट्र-राज्य  के दर्ज की मांग को दिखाता है। क्या यह सोचना बेवकूफी नहीं है कि तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) एक अलगाववादी पार्टी है क्योंकि देशम नाम का मतलब देश है? 
 
द्रमुक के मुखपत्र ने अन्य राज्यों और टीडीपी के नामों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के नामकरण देश के लोगों के बारे में हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'बातचीत' शीर्षक वाले इस लेख में कहा गया है कि भारत कभी एक देश नहीं रहा। अखबार ने दावा किया कि भारत केई देशों का संघ है। लेख में आगे कहा गया है कि एक काल्पनिक अखंड भारत पर गर्व महसूस करने के बजाय रवि को बारत बनाने के लिए अंग्रेजों को धन्यवाद देना चाहिए। 

अखबार ने दावा किया कि केवल तमिलनाडु ही वह राज्य हैं जिसने देश की संप्रभुता और देश के कानूनों अधिक सम्मान किया और उत्तरी राज्यों की तुलना में अधिक टैक्स का भुगतान किया और कम हस्तांतरण प्राप्त किया। सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों में कर्मियों का एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडु से है। तमिलनाडु जैसा कोई और भारतीय संविधान  व कानूनों का सम्मान नहीं करता है। लेख में पूछा गया क्या भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या कर्नाटक के राज्य ध्वज को हटा देंगे क्योंकि भारत के लिए एक राष्ट्रीय ध्वज है?

रवि ने चार जनवरी को यहां राजभवन में आयोजित काशी तमिल संगमम कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर यह टिप्पणी की थी कि थमिझगम तमिलनाडु के लिए अधिक उपयुक्त नाम है। उन्होंने कहा था, यहां तमिलनाडु में एक अलग तरह का विमर्श गढ़ा गया है, जो कुछ भी पूरे देश के लिए लागू होता है, तमिलनाडु उसके लिए ना कहेगा। यह एक आदत बन गई है। इतने सारे थीसिस लिखे गए हैं-सभी झूठे और खराब परिकल्पना हैं। इसे तोड़ा जाना चाहिए। सत्य की जीत होनी चाहिए। 

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