दरअसल, ओबीसी समाज के कल्याण के लिए बनाई गई केंद्र सरकार की संस्था राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) इस वर्ष नई योजना लेकर आई है। इस योजना के अंतर्गत समाज के पिछड़ी जातियों के लोगों को 15 लाख रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। सभी बैंक अपने लाभ के लिए काम करते हैं और कर्जधारकों से चक्रवृद्धि ब्याज दर पर रकम वसूलते हैं।
कई बैंक तो अपने ग्राहकों से 40-50 प्रतिशत तक ब्याज लेते हैं। लेकिन एनबीसीएफडीसी गैर लाभकारी निकाय है। यह अपने कर्जधारकों से लाभ कमाने के उद्देश्य से काम नहीं करती। इसी का परिणाम है कि वह कर्ज लेने वाले लोगों से साधारण ब्याज दर पर रकम वसूलती है। यह दर भी केवल सात से आठ प्रतिशत अधिकतम तक होती है। यानी यह रकम चुकाना ओबीसी समुदाय के लोगों के लिए बहुत आसान होता है।
किसे मिल सकता है ये लोन
केंद्र सरकार ने यह योजना गरीब ओबीसी लोगों के कल्याण के लिए बनाई है। इसलिए इसका लाभ पाने वालों के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर होना अनिवार्य किया गया है। यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है तो वह इस योजना का लाभ उठा सकता है। जिन किसान ओबीसी परिवारों के पास कोई घोषित आय नहीं होती, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। लेकिन उनके पास दो हेक्टेयर से अधिक जमीन नहीं होनी चाहिए। जिन लोगों की कोई घोषित आय नहीं है, या जिनके पास कोई घोषित आय नहीं है, लेकिन वे केंद्र-राज्य सरकारों द्वारा घोषित ओबीसी समाज के अंतर्गत आते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
कहां से प्राप्त करें ये लोन
एनबीसीएफडीसी के प्रबंध निदेशक राजन सहगल ने अमर उजाला को बताया कि उनकी संस्था अपने यहां से लोन नहीं देती, बल्कि वह धन को विभिन्न बैंकों को दे देती है। ओबीसी समाज के लोगों को अपने नजदीकी बैंकों से पता कर इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। बैंक अपने स्तर पर कर्ज देने की शर्तों का निर्माण कर सकते हैं, वे गारंटी के तौर पर भी कुछ शर्तें तय कर सकते हैं, लेकिन वे ब्याज दर में परिवर्तन नहीं कर सकते।
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