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Politics: राहुल गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- UPSC से सीधी भर्ती दलित, ओबीसी और आदिवासियों पर हमला

Mon, 19 Aug 2024 02:54 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा का रामराज्य का विकृत संस्करण संविधान को नष्ट करने और बहुजनों से आरक्षण छीनने का प्रयास है।
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राहुल गांधी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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UPSC से सीधी भर्ती मामले में राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार आयोग दलित, ओबीसी और आदिवासियों पर हमला है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि भाजपा का रामराज्य का विकृत संस्करण संविधान को नष्ट करने और बहुजनों से आरक्षण छीनने का प्रयास है।

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रविवार को भी राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट कर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग की जगह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जरिए लोकसेवकों की भर्ती कर संविधान पर हमला कर रहे हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पदों पर लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती कर खुलेआम एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग का आरक्षण छीना जा रहा है। 

वहीं इस मामले में पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि सीधी भर्ती को लेकर पहला प्रयास यूपीए सरकार ने किया था। प्रशासनिक सुधा आयोग को 2005 में यूपीए सरकार में ही विकसित किया गया था। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने प्रशासनिक सुधार आयोग की अध्यक्षता की थी। आयोग को भारतीय प्रशासनिक प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने का काम सौंपा गया था।
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संविधान बदलने का चक्रव्यूह है UPSC से सीधी भर्ती: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने UPSC से सीधी भर्ती को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण को छीनकर संविधान बदलने का भाजपा का चक्रव्यूह है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि सीधी भर्ती का प्रावधान संविधान पर हमला है। सरकारी महकमों में रिक्तियां भरने के बजाय पिछले 10 वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ही भारत सरकार के हिस्सों को बेचकर भाजपा ने 5.1 लाख पद खत्म कर दिए। 

उन्होंने कहा कि अनुबंधित भर्ती में 91 प्रतिशत इजाफा हुआ है। एससी-एसटी और ओबीसी के पदों में 1.3 लाख तक की कमी आई है। हम सीधी भर्ती गिने-चुने विशेषज्ञों को कुछ विशेष पदों में उनकी उपयोगिता के अनुसार नियुक्त करने के लिए लाए थे। लेकिन मोदी सरकार ने सीधी भर्ती का प्रावधान दलित, आदिवासी व पिछड़े वर्गों का अधिकार छीनने के लिए किया है। खरगे ने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्गों के पद अब आरएसएस के लोगों को मिलेंगे। 
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