मध्यप्रदेश के दमोह जिला में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में आरोपी बसपा विधायक रामबाई के पति गाेविंद सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई।
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह ने घटनाक्रम पर हैरानी जताई हुए पूछा कि मध्यप्रदेश में जंगल राज है या कानून का शासन? आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को मानना चाहिए कि वह संविधान के तहत काम नहीं कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड की सुनवाई करते हुए राज्य के डीजीपी को निर्देश दिए कि बसपा विधायक रामबाई के पति गाेविंद सिंह काे गिरफ्तार करें। जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूरी घटना को जंगलराज कहा। जबकि जस्टिस शाह ने कहा कि राज्य सरकार को यह मान लेना चाहिए कि वह संविधान के मुताबिक शासन नहीं कर सकती। साथ ही इस मामले में बरती जा रही लापरवाही से नाराज न्यायाधीशों ने दमोह के एसपी को बर्खास्त करने को कहा है।
बता दें कि देवेंद्र चौरसिया हत्या मामले में बसपा विधायक रामबाई के पति गाेविंद सिंह भी आरोपी है। आरोपी की गोविंद की दो साल से गिरफ्तारी नहीं हुई। इतना ही नहीं, गोविंद के खिलाफ वारंट जारी करने वाले निचली अदालत के जज को भी परेशान किया जा रहा है। जज ने जिला जज काे चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि उन्हें पुलिस धमका रही है। बता दें कि 15 मार्च 2019 काे कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या कर दी गई थी।
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आरोपित गोविंद सिंह फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।