केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को कहा कि विकासशील देशों द्वारा जलवायु कार्यों का महत्वाकांक्षी कार्यान्वयन जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अन्य सहायता के पर्याप्त वितरण पर निर्भर है। जलवायु परिवर्तन पर ब्रिक्स की उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेते हुए मंत्री ने जलवायु परिवर्तन से संयुक्त रूप से निपटने, कम कार्बन की दिशा में तेजी लाने के लिए दृष्टिकोण तलाशने की जरूरत पर जोर दिया।
ब्रिक्स उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता चीन के पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री हुआंग रनकिउ ने की और इसमें ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका सहित ब्रिक्स देशों के पर्यावरण मंत्रियों ने भाग लिया। यादव ने मजबूत जलवायु कार्रवाई के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जिसमें सावधानीपूर्वक खपत और कचरे में कमी के आधार पर स्थायी जीवन शैली को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अक्षय ऊर्जा, स्थायी आवास, अतिरिक्त वन और वृक्षों के माध्यम से कार्बन सिंक के निर्माण, स्थायी परिवहन की तरफ शिफ्ट होने, ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में कई मजबूत कदम उठाकर मिसाल कायम कर रहा है। यादव ने जिक्र किया कि कैसे भारत ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से आर्थिक विकास को उत्तरोत्तर कम करना जारी रखा है।