फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ रहा ट्रैफिक: तीसरी लहर की चेतावनी के बीच, 75 फीसदी लोग पहुंचने लगे दफ्तर, सड़कों पर उतरे 63 फीसदी वाहन

Fri, 09 Jul 2021 02:54 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टॉमटॉम इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार, नई दिल्ली का ट्रैफिक सामान्य स्थिति के 63 फीसदी के स्तर पर लौट आया है। वहीं मुंबई का ट्रैफिक 52 फीसदी के स्तर पर है। पिछले एक सप्ताह के दौरान नई दिल्ली के ट्रैफिक ने मुंबई के ट्रैफिक को भी पीछे छोड़ दिया है...
विज्ञापन
सड़कों पर गाड़ियां - फोटो : Amar Ujala (File)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बाद और तीसरी लहर की आशंका के बीच डेल्टा प्लस वैरिएंट ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फिर से कोरोना के केस बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बाद भी लोगों में कोरोना की तीसरी लहर का खौफ नहीं दिखाई दे रहा है। इस बीच देश में तमात गतिविधियां भी तेजी से शुरू हो गई हैं। 75 फीसदी लोगों ने वर्क फ्रॉम होम छोड़कर अपने आफिस से काम करना शुरू कर दिया है। वहीं, सभी बड़े शहरों में सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही भी बढ़ रही है। दिल्ली में भी सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य स्थिति के 63 फीसदी के स्तर पर लौट आया है।

विज्ञापन


कोरोना के लगातार घटते मामलों का असर अब सड़कों पर भी दिखने लगा है। पहले की तुलना में सड़कों पर वाहनों की भीड़ बढ़ गई है। शहरों के ट्रैफिक के आंकड़ो पर नजर रखने वाली वैश्विक प्रौद्योगिकी फर्म टॉमटॉम इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार, नई दिल्ली का ट्रैफिक सामान्य स्थिति के 63 फीसदी के स्तर पर लौट आया है। वहीं मुंबई का ट्रैफिक 52 फीसदी के स्तर पर है। पिछले एक सप्ताह के दौरान नई दिल्ली के ट्रैफिक ने मुंबई के ट्रैफिक को भी पीछे छोड़ दिया है।

सर्च इंजन गूगल के 30 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, इन दिनों लोगों का आफिस में आना-जाना करीब 75 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया है। इनमें किराना और फार्मेसी सहित अन्य आवश्यक खरीदारी के लिए की जाने वाली यात्रा का स्तर सामान्य से 11.6 फीसदी अधिक देखा गया है। वहीं खुदरा और मनोरंजन संबंधी यात्राओं में अब भी 32 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

बढ़ी बिजली की मांग

चार जुलाई को खत्म हुए सप्ताह के सात दिनों के औसत आधार पर भारत में 431.2 करोड़ यूनिट बिजली उत्पन्न हुई, क्योंकि इन दिनों तापमान में इजाफा हुआ और धान की बुवाई के मौसम के कारण सिंचाई की मांग में इजाफा देखा गया। जानकारों का कहना है कि, पिछले सप्ताह बिजली की मांग भी बढ़ी है, क्योंकि देश के अधिकांश राज्यों में कोविड 19 की पाबंदियां खत्म हो गई हैं। आर्थिक गतिविधियों ने फिर से गति पकड़ी है। कई उद्योग पिछली मांग पूरी करने के लिए उत्पादन में तेजी भी ला रहे हैं।

विज्ञापन


इधर, भारतीय रेलवे ने भी पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले पिछले सप्ताह 26.5 फीसदी अधिक माल ढुलाई की है। माल ढुलाई से होने वाली आमदनी 26.8 फीसदी बढ़ी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें