अनिल देशमुख बनाम देवेंद्र फडणवीस
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महाराष्ट्र में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच जुबानी जंग जारी है। रविवार को एनसीपी नेता अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैनें उनको बेनकाब किया। इसके बाद वह 15 दिन तक चुप क्यों रहे? इसे लेकर भाजपा की ओर से कहा गया कि फडणवीस तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हैं। उनके बयान ठोस होते हैं।
रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में अनिल देशमुख ने कहा कि 15 दिन पहले उन्होंने पर्दाफाश किया था कि कैसे फडणवीस ने तीन साल पहले पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और तत्कालीन मंत्री आदित्य ठाकरे को जेल में डालने की साजिश रची थी? फडणवीस बर्खास्त और जेल में बंद पुलिसकर्मी सचिन वाजे और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के माध्यम से उन्हें निशाना बना रहे हैं।
अनिल देशमुख ने कहा कि परमबीर सिंह ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो में बम रखा और स्कॉर्पियो मालिक की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में सिंह को तीन साल पहले गिरफ्तार किया जाना था, लेकिन उन्होंने भाजपा की शरण ले ली। अब सिंह फडणवीस के कहने पर मुझ पर आरोप लगा रहे हैं। वाजे और सिंह दोनों ही फडणवीस की ही बात दोहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे बेनकाब करने के बाद फडणवीस 15 दिन तक चुप क्यों थे? अब मुझ पर आरोप लगाने की अचानक क्यों याद आई। भाजपा के राज्य प्रवक्ता चंदन गोस्वामी ने कहा कि फडणवीस तथ्यों के साथ बोलते हैं और उनके सभी बयान उचित हैं। एमवीए (महा विकास अघाड़ी) लगातार झूठी बातें फैला रही है और उनकी बातों में कोई सच्चाई नहीं है।
फडणवीस ने यह आरोप लगाया था
दरअसल पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा था कि देशमुख ने उन पर कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने के लिए दबाव डाला था। इसे लेकर डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा था कि एमवीए सरकार के दौरान उन्हें और अन्य भाजपा नेताओं को झूठे मामलों में जेल में डालने के लिए कुछ अधिकारियों को ठेका दिया गया था। अच्छे अधिकारियों ने झूठे मामले दर्ज करने से इनकार कर दिया तो योजना फेल हो गई। देशमुख ने 2021 में राज्य के गृह मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। जब परमबीर सिंह ने उन पर बार और रेस्तरां से प्रति माह 100 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय करने का आरोप लगाया।