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Delhi News: पारा गिरने से बढ़ीं समस्याएं चक्कर-दस्त से लोग बेहाल, मरीजों की लगातार बढ़ रही है संख्या

Mon, 09 Jan 2023 03:58 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

वरिष्ठ डॉक्टर नीरज त्रिपाठी ने बताया कि पारा गिरने के साथ सर्दी जुकाम, सिर दर्द , चक्कर आना, हाथ-पैर की अंगुलियों में सूजन, त्वचा संबंधित समस्या, कफ जमना जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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दिल्ली में बढ़ी ठिठुरन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भीषण सर्दी के साथ लगातार गिर रहे पारे से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ज्यादातर मरीज खांसी-जुकाम, बुखार, वायरल, दस्त, सिर में दर्द, चक्कर सहित अन्य रोग की शिकायत को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। डॉक्टरों का कहना है कि ये सभी मौसमी बीमारियां हैं। इस मौसम में ठंड से बचकर रहना चाहिए। खासकर बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से बीमार लोगों विशेष ध्यान रखना चाहिए। दिल के मरीज, सांस के मरीज को विशेष रूप से अपना ध्यान रखना चाहिए। 

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दिल्ली सचिवालय स्थित डिस्पेंसरी में आयुष विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर नीरज त्रिपाठी ने बताया कि पारा गिरने के साथ सर्दी जुकाम, सिर दर्द , चक्कर आना, हाथ-पैर की अंगुलियों में सूजन, त्वचा संबंधित समस्या, कफ जमना जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा मरीज पेट में भारीपन, दस्त होने की शिकायत भी कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि यह सभी सर्दी से होने वाली समस्या है। इस मौसम में लोगों को प्यास कम लगती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। लोगों को गुनगुने पानी में ओआरएस लेना चाहिए। पेट खराब होने की शिकायत पर कच्ची सलाद या ठंडा भोजन नहीं करना चाहिए। यदि सिर दर्द  हो या चक्कर आने की शिकायत हो तो रक्तचाप की जांच करवानी चाहिए। यदि बीपी सामान्य है तो कान में ठंड लगने से ऐसा होता है। 
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अस्पताल में बढ़ गए दमा के मरीज 
दिल्ली में पारा गिरने के साथ काला दमा और अस्थमा के मरीजों की समस्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में मरीजों की संख्या 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सांस रोग विभाग के डॉक्टर करन मदान का कहना है कि काला दमा में सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है। वहीं अन्य डॉक्टर ने कहा कि ठंडी हवा शुष्क ज्यादा होती है और उसमें नमी बहुत कम होती है। 

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