केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के 27 सितंबर के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें दिल्ली सरकार की घर-घर राशन पहुंचाने की योजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ था। जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर मंगलवार की सुनवाई को टाल दिया।
सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से सुनवाई कल तक के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया लेकिन दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार के लिए कुछ व्यक्तिगत कठिनाई का हवाला दिया। इस पर पीठ ने मामले को 12 नवंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
सिंघवी के अनुरोध पर जस्टिस राव ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘मैं कठिनाई को समझता हूं। डॉक्टर सिंघवी कल अदालत में नहीं रहना चाहते हैं।’ दरअसल जस्टिस राव का इशारा इस ओर था कि सिंघवी फिजिकल कोर्ट से बचना चाह रहे हैं।