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धूम्रपान की वीडियो वायरल हुआ तो स्कूल ने गरीब छात्र से कहा- साल भर की फीस भरो तब करो आगे की पढ़ाई

Thu, 28 Nov 2019 09:34 PM IST
अमर शर्मा अमित शर्मा, नई दिल्ली

सार

  • गरीब छात्र ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में पहली कक्षा से उसी स्कूल में कर रहा पढ़ाई
  • धूम्रपान की वीडियो वायरल होने पर ईडब्ल्यूएस छात्र पर कार्रवाई, बाकी छात्रों की पढ़ाई जारी
  • छात्र ने हाईकोर्ट से की अपील, मिले शिक्षा जारी रखने का अधिकार
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
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विस्तार
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नवीं कक्षा के एक छात्र ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर धूम्रपान कर लिया। उसके ही कुछ साथियों ने इस घटना की वीडियो वायरल कर दी। वीडियो छात्र के स्कूल तक पहुंच गई तो स्कूल ने उसके परीक्षा देने पर रोक लगा दी। बाद में परीक्षा देने की इजाजत तो मिल गई लेकिन स्कूल अब उसे ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में आगे पढ़ाने को तैयार नहीं है। आरोप है कि स्कूल अब छात्र से पूरे साल भर की पढ़ाई की फीस की मांग कर रहा है, जबकि छात्र इसी स्कूल में पहली कक्षा से ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में पढ़ाई कर रहा है। पिछले एक नवंबर से छात्र को क्लास में बैठने भी नहीं दिया जा रहा है। छात्र ने दिल्ली हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देकर अपनी पढ़ाई ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में ही जारी रखवाने की अपील की है। 

माफी मांग ली

तुगलकाबाद एक्सटेंशन के रहने वाले छात्र आकाश (बदला हुआ नाम) दक्षिणी दिल्ली के एक पब्लिक स्कूल में नवीं कक्षा में पढ़ते हैं। आकाश ने अमर उजाला को बताया कि वे पिछले 12 अगस्त को अपनी ही कक्षा के चार अन्य साथियों के साथ घूमने गए थे जहां गलती से उन्होंने धूम्रपान कर लिया था। उनके ही किसी साथी ने इस घटना की वीडियो बना ली थी। बाद में यह वीडियो वायरल हो गई और उनके स्कूल के प्रिंसिपल तक पहुंच गई। जब इसके बारे में उनसे पूछताछ की गई तब उन्होंने अपनी गलती के लिए प्रिंसिपल से माफी मांग ली। 

क्लास में बैठने की इजाजत नहीं 

आकाश का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें परीक्षा देने से रोक दिया गया। काफी मुश्किल के बाद उन्हें परीक्षा देने की इजाजत तो मिल गई, लेकिन अब उनका स्कूल उन्हें ईडब्लूएस कैटेगरी में आगे पढ़ाने को तैयार नहीं है। आरोप है कि स्कूल अब उनसे पूरे साल भर की फीस की मांग कर रहा है। इसके लिए गत एक नवंबर से उन्हें क्लास में बैठने तक नहीं दिया जा रहा है। 
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मजे की बात है कि उस घटना में शामिल उनके बाकी दोस्त उसी स्कूल में उन्हीं की कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। आकाश का कहना है कि जो छात्र पूरी फीस देकर पढ़ाई कर रहे हैं उनकी उसी गलती के लिए स्कूल ने कोई दंड नहीं दिया जबकि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। 

हाईकोर्ट से गुहार 

अब आकाश ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से दिल्ली हाईकोर्ट से इस मामले में दखल देने की अपील की है। उनकी मांग है कि उनकी शिक्षा ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में ही जारी रखने की अनुमति दी जाए क्योंकि उनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वे स्कूल की फीस भरने में सक्षम नहीं हैं।
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