'राजनीतिक प्रतिद्वंद्धियों' का भय, इस लिस्ट में केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं है, बल्कि आम आदमी पार्टी भी है। आप सरकार के दूसरे कार्यकाल में डेढ़ दर्जन से अधिक विधायकों पर दिल्ली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज किए थे। आप विधायक संजीव झा, अखिलेश पति त्रिपाठी और सोम दत्त ने अस्थाना की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों का उल्लंघन बताया है। अस्थाना की नियुक्ति से इन दोनों पार्टियों की चिंता बढ़ी है। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, राकेश अस्थाना गुजरात कैडर के आईपीएस हैं। क्या सरकार को एजीएमयूटी कैडर में एक भी लायक अधिकारी नहीं मिला, जिसे दिल्ली पुलिस आयुक्त बनाया जा सकता था। क्या एक तरह से सरकार ने एजीएमयूटी कैडर को यह सर्टिफिकेट दे दिया है कि आप लोग बेकार हो। आप लोग इस लायक नहीं हो कि आपको दिल्ली का पुलिस आयुक्त बना सकें।
अस्थाना को दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बना कर सरकार क्या साबित करना चाहती है कि अब दिल्ली को सीबीआई स्टेट बनाया जाएगा। कम से कम सरकार को ऐसा अधिकारी सीपी के पद के लिए लाना चाहिए था, जिसे मेट्रो पुलिसिंग का अनुभव हो। एजीएमयूटी कैडर का कोई अधिकारी सरकार को पसंद ही नहीं आ रहा। ये कौन सा पब्लिक इंट्रेस्ट है। पवन खेड़ा ने कहा, ये पब्लिक कौन है। पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा इस पब्लिक का तीसरा सदस्य कौन है। सरकार ने रात आठ बजे चुपके से अस्थाना की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए। ‘सुप्रीम कोर्ट’ और ‘संघ लोक सेवा आयोग’, जैसी देश की वैधानिक संस्थाओं का अपमान कर दिया। खेड़ा ने सवाल किया है, क्या सरकार को अस्थाना से कोई घबराहट है, जिसके चलते नियम-क़ानून सब कुछ ताक पर रखकर दिल्ली पुलिस आयुक्त बना दिया गया।