दिल्ली में प्रदूषण की समस्या गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है। सड़कों पर बाहर निकलने पर आंखों में जलन होने लगी है। विशेषकर सुबह-शाम के समय बाहर निकलने में सबसे ज्यादा परेशानी महसूस की जा रही है। यह कोई एक बार की बात नहीं है। यह हर साल होता है। दिल्ली सरकार का दावा रहता है कि वह राजधानी में प्रदूषण को कम करने के लिए कई कदम भी उठा रही है, लेकिन जमीनी स्थिति बताती है कि सरकार के ये कदम निष्प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार प्रदूषण के विरुद्ध सही तरीके से काम नहीं करती है जिसके कारण लोगों को इतना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लेकिन सरकार प्रदूषण के विरुद्ध सही कदम उठाए, इसके लिए अब नागरिकों को ही आगे करने की तैयारी की जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अमर उजाला से कहा कि स्वच्छ हवा में सांस लेना नागरिकों का अधिकार है। उन्हें इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। दिल्ली सरकार को हर वे उपाय करने होंगे जिससे राजधानी का प्रदूषण कम हो और लोग स्वस्थ रह सकें।
सरकार पर दबाव डालने के लिए शहजाद पूनावाला ने 'दिल्ली दर्शन' (Delhi Darshan) नाम से सोशल मीडिया पर एक मंच तैयार किया है। राजधानी के नागरिक अपने इलाकों में प्रदूषण से होने वाली हर परेशानी को इस पर साझा कर सकते हैं। एक सिटिजन रिपोर्टर बनकर वे फोटो-वीडियो और ऑडियो संदेश के माध्यम से अपने इलाके में साफ-सफाई न होने, गंदगी होने और प्रदूषण से होने वाली किसी समस्या के लिए इस पर अपने विचार साझा कर सकते हैं। नागरिक व्हाट्सअप से भी अपनी जानकारी को साझा कर सकते हैं। इन मुद्दों को जिम्मेदार अधिकारियों-नेताओं तक पहुंचाया जाएगा जिससे समस्या का समाधान हो सके।
कैसे दूर होगा प्रदूषण
शहजाद पूनावाला ने कहा कि दिल्ली को विश्व स्तरीय प्रदूषण मुक्त आधुनिक शहर बनाने के लिए समग्र उपाय करने होंगे। सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, प्रदूषणकारी वाहनों पर रोक के अलावा हरित क्षेत्र बढ़ाना इसका उपाय हो सकता है। लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर भी प्रदूषण को कम करने में सहायक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को अपने स्तर पर भी प्रदूषण को खत्म करने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझनी और निभानी होगी तभी इस समस्या का स्थाई समाधान हो सकता है। इस मामले में पश्चिम के कई देश हमारा रास्ता दिखा सकते हैं। साथ ही यह विश्वास भी दिलाते हैं कि यदि सही उपाय करके वे प्रदूषण से मुक्त हो सकते हैं तो हम क्यों नहीं।