गुजरात पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार महेश लंगा के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया। महेश पहले से ही जीएसटी घोटाले के आरोप में जेल में बंद है। दरअसल, उनपर फर्जी दस्तावेजों के जरिये पत्नी और पिता के नाम पर बोगस फर्म बनाने और संदिग्ध लेन-देन का आरोप लगा है। इसी महीने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ यह दूसरी एफआईआर है। उनके परिसर से सरकारी दस्तावेज बरामद किए गए। महेश लंगा गुजरात के मशहूर अखबार के साथ काम करते थे। जीएसटी मामले में रिमांड खत्म होने के बाद पिछले हफ्ते न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
जिला पुलिस अधीक्षक रवि तेजा वासमसेट्टी ने बुधवार को कहा, "दूसरी एफआईआर मंगलवार की रात को गांधीनगर के सेक्टर 7 पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई।" उन्होंने बताया कि ऑनलाइन एफआईआर को जनता के सामने पेश नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इसे संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
फर्जी क्रेडिट और धोखाधड़ी वाले लेनदेन के माध्यम से सरकार को धोखा देने के लिए बनाई गई कंपनियों से जुड़े घोटाले पर केंद्रीय जीएसटी से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद सिटी क्राइम ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एसपी ने कहा, "जांच के दौरान, अहमदाबाद पुलिस ने गुजरात मरीटाइम बोर्ट (जीएमबी) के कुछ दस्तावेज उसके (लंगा) के परिसर से बरामद किया। हालांकि, ये दस्तावेज सरकारी संपत्ति हैं, बोर्ड के अधिकारियों ने हमसे संपर्क किया और लंगा और जीएमबी के एक अज्ञात कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।"
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांच अन्य लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया। इसी के साथ क्राइम ब्रांच ने अबतक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हाल ही में देश में बड़े पैमाने पर फर्जी फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के मामले जीएसटी विभाग के सामने आए हैं। विभाग को बड़ी संख्या में बोगस फर्में मिली हैं, जिसके बाद उन्होंने सात अक्तूबर को कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।