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Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों संग मनाया दशहरा, कहा- भारत पर आंच बर्दाश्त नहीं

Sat, 12 Oct 2024 11:13 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दार्जिलिंग

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दशहरे के मौके पर के सुकना कैंट में शस्त्र पूजा की। इस दौरान उन्होंने सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। 
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शस्त्र पूजा की। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दशहरे के मौके पर दार्जीलिंग के सुकना कैंट में शस्त्र पूजा की। वह यहां सेना के जवानों के साथ विजयादशमी मनाने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जवानों के माथे पर तिलक लगाया। उन्होंने सबसे पहले सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। फिर कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा की जाती है। साथ ही उन्होंने पड़ोसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हम देश पर कोई आंच बर्दाश्त नहीं करेंगे। 

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बीआरओ की 75 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं देश को दीं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2,236 करोड़ रुपये की लागत से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 75 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को देश को वर्चुअल माध्यम से समर्पित किया। ये परियोजनाएं 22 सड़कें, 51 पुल और दो अन्य 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई हैं। इनमें से 19 जम्मू और कश्मीर में, 18 अरुणाचल प्रदेश में, 11 लद्दाख में, नौ उत्तराखंड में, छह सिक्किम में, पांच हिमाचल प्रदेश में, दो-दो पश्चिम बंगाल और राजस्थान में और एक-एक नागालैंड, मिजोरम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हैं।

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उन्होंने पश्चिम बंगाल के सुकना में त्रिशक्ति कोर के मुख्यालय से परियोजनाओं का उद्घाटन किया। सिक्किम में कुपुप-शेराथांग रोड का उद्घाटन मुख्य आकर्षण था, जो जवाहर लाल नेहरू मार्ग और जुलुक अक्ष के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता है।

'शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा होती'
राजनाथ सिंह ने कहा, 'भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा की जाती है। ऐसा लग सकता है कि लोहे और लकड़ी से बनी चीजों की पूजा करने का क्या औचित्य है? लेकिन वास्तव में, यह हमारी विशाल सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है, जिसमें हम किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले और बाद में उसके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।'
 

किसी भी हरकत को नजरअंदाज नहीं कर सकते: सिंह

उन्होंने कहा, 'हम देख सकते हैं कि सीमाओं पर हमारे सशस्त्र बलों की सतर्क उपस्थिति के कारण किसी भी घटना की संभावना नहीं है। मगर वर्तमान में हम पड़ोसियों की ओर से किसी भी संभावित शरारत को नजरअंदाज नहीं कर सकते। रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद से मैंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि वैश्विक परिदृश्य चाहे जो भी हो - तैयारियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए और हम सभी को सभी विकल्पों के साथ हमेशा सक्रिय रूप से तैयार रहना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारा दृढ़ संकल्प हमारी जरूरत है।'

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त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
उन्होंने आगे कहा, 'हम सभी जानते हैं कि आज का यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। जब भगवान राम को बुराई पर विजय हासिल हुई तो यह मानवता की जीत थी। हमने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया क्योंकि हमारे दिल में किसी से दुश्मनी नहीं है। हमने तभी लड़ाई लड़ी है जब किसी देश ने हमारी अखंडता और संप्रभुता का अनादर किया हो, जब किसी देश ने धर्म, सच्चाई और मानवीय मूल्यों के खिलाफ युद्ध शुरू किया हो। शास्त्र की पूजा करना एक प्रतीक है कि जरूरत पड़ने पर अपनी पूरी ताकत से इस्तेमाल किया जा सकता है।'

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