पुलिस विभाग के प्रति आम जनमानस में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए शासन स्तर से कई प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन सुधार कम ही दिख रहा है। जिले की मुबारकपुर पुलिस का कारनामा सुनकर तो एसपी भी चौंक गए।
मारपीट के एक मामले में पुलिस ने एक दिन पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं विवेचना में ऐसे व्यक्ति को घायल दिखाया है जो कि पांच साल पहले की स्वर्ग सिधार चुका है। मामले में बुधवार को एसपी ने थाने के पुलिसकर्मियों को रात में तलब किया। बोले कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
मुबारकपुर थाने के मुस्तफाबाद गांव में 20 दिसंबर, 2015 को मारपीट हुई थी। मामले में एक पक्ष की स्व. प्रकाश विश्वकर्मा की पत्नी उर्मिला देवी बुधवार को एसपी के यहां पहुंची और बताया कि उक्त तिथि को गांव के मनबढ़ों ने घर में घुसकर मारपीट की। उसके साथ घर के तीन और लोग घायल हो गए।
मामले में सीओ, अपर आयुक्त से भी शिकायत की गई लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज न किए जाने की बात कही। प्रार्थना पत्र को एसपी ने गंभीरता से लिया। थानाध्यक्ष मुबारकपुर से जवाब मांगा। पता चला कि मामले में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वह भी 19 दिसंबर, 2015 को ही। जबकि महिला के अनुसार घटना 20 दिसंबर की है। यह सुन एसपी चौंके।
दीवान शिवकुमार तिवारी, विवेचक एचसीपी राममिलन को तलब किया। थाने में दर्ज एफआईआर का कागज देखा तो पता चला कि पुलिस उसी गांव के एक अन्य व्यक्ति साधु शरण की तहरीर पर मुकदमा दर्ज की है। जबकि महिला के अनुसार साधु का मारपीट से लेनादेना नहीं है। एफआईआर के मुताबिक साधू ने बताया कि मनबढ़ों ने उसके साथ उर्मिला के घरवालों को मारा-पीटा।