प्रदेश की सीमाओं पर चेकपोस्ट नहीं होने से सरकार को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान हो रहा है। वाणिज्य कर विभाग की वेबसाइट कर चोरी का जरिया बनी हुई है। दूसरे प्रदेशों से माल लेकर प्रदेश में प्रवेश करने वाले ट्रक और अन्य वाहन प्रदेश में ही माल खाली कर देते हैं और वेबसाइट पर यह दिखा दिया जाता है कि माल यूपी के रास्ते अन्य प्रदेशों में चला गया है।
इस तरह ट्रक मालिक कर के रूप में सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्यकर का कहना है कि बगैर चेकपोस्टों के इस प्रकार की कर चोरी रोकना काफी मुश्किल है।
प्रदेश सरकार ने 2010 में जिले के नौबतपुर सहित प्रदेश की लगभग 36 सीमाओं पर चेकपोस्ट समाप्त कर दिया था। प्रदेश के रास्ते बाहर जाने वाले ट्रकों के लिए मैनुअल फार्मों के स्थान पर कर चोरी रोकने के लिए आनलाइन ट्रांजिट डिक्लेरेशन फार्म (टीडीएफ) की व्यवस्था कर दी।
साथ ही यह सुविधा दी कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही वाहन स्वामी खुद ही टीडीएफ-1 फार्म आनलाइन भरेगा और प्रदेश सीमा से बाहर जाते समय खुद के ही भरे गए टीडीएफ-1 को खारिज कर टीडीएफ-2 फार्म भी भरेगा, जिससे समय की बचत होगी।
लेकिन यही व्यवस्था ट्रक मालिकों और दलालों के लिए चोरी का जरिया बन गई और सरकार तथा वाणिज्य कर विभाग को कर के रूप में प्रतिदिन करोड़ों का घाटा होने लगा। प्रदेश की सभी सीमाओं से प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हजार ट्रक गुजरते हैं।
कर चोर विभागीय साठगांठ और वेबसाइट में कमी की वजह से रोज आसानी से प्रदेश में माल खाली कर सरकार को करोड़ों रुपये का घाटा दे रहे हैं। कर चोरी का यह खेल 2010 से ही चला आ रहा है।