भाजपा और जेडीएस के सूखा अध्ययन यात्रा पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तंज कसा है। उन्होंने इसे भाजपा और जेडीएस का प्रचार करार दिया। उन्होंने कहा, इस तरह की यात्रा के बजाए प्रधानमंत्री और संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से मिले। जिससे कम से कम राज्य को राहत तो मिलेगी। डीके शिवकुमार ने केंद्र पर राज्य को सूखा राहत प्रदान करने में भेदभाव का आरोप लगाया।
बता दें भाजपा राज्यभर में सूखा अध्ययन यात्रा कर रही है। जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी दिसंबर में किसान सांत्वना यात्रा करेगी। इस पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, कर्नाटक सरकार पहले ही एक सर्वेक्षण कर चुकी है। केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंप चुकी है, जिसने स्थिति का आकलन करने के लिए अधिकारियों की एक टीम भी भेजी है।
कर्नाटक ने राज्य के कुल 236 तालुकों में से 216 को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। सरकार ने 33,770 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया है। मानदंडों के अनुसार 17,900 करोड़ रुपये की केंद्रीय सूखा राहत की मांग की है। उपमुख्यमंत्री ने कहा, इस धनराशि का उपयोग पेयजल, चारा और अन्य जरूरतों के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, 200 से अधिक तालुक सूखे की चपेट में हैं, इसलिए राज्य ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मानव दिवस के कार्य को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन करने का निर्णय लिया है और इस संबंध में केंद्र को पत्र लिखा है। लगभग दो महीने हो गए हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।