मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के संपर्क में आने के कारण उत्तराखंड में बारिश होने का अनुमान है, जिसके चलते भूस्खलन की चेतावनी दी है। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी राजस्थान में अगले 24 घंटे में भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। उसने कहा कि पूर्वी राजस्थान और निकटवर्ती गुजरात क्षेत्र में अगले 12 घंटे में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवात ‘ताउते’ सोमवार की मध्यरात्रि में सौराष्ट्र क्षेत्र के दीव और उना के बीच गुजरात तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ गया था। गुजरात में चक्रवाती तूफान के कारण तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ, बिजली के खंभे तथा पेड़ उखड़ गए तथा कई घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इस दौरान हुई घटनाओं में करीब 13 लोगों की मौत भी हुई है। चक्रवाती तूफान के कारण 200 से अधिक तालुका में बारिश हुई।
एहतियाती तौर पर राज्य सरकार ने पहले ही दो लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मंगलवार की शाम पत्रकारों से कहा था कि चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान को अगले कुछ दिनों में दूर कर लिया जाएगा।