सर्दी को जाते देर नहीं हुई कि गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाने लगी है। दिन के समय निकल रही तेज धूप के कारण पारा अचानक से ऊपर चढ़ रहा है, जिसका असर रात तक हो रहा है और उमस लोगों को परेशान कर रही है। इस बीच बंगाल की खाड़ी में साल के पहले चक्रवाती तूफान असानी ने दस्तक दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान बन रहा है, जिसके 21 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचने की आशंका है। इस तूफान को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया है और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को निकालना शुरू कर दिया गया है।
भारी बारिश की संभावना
भारतीय विज्ञान विभाग केंद्र के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से कम दबाव का क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ उत्तर की ओर बढ़ रहा है और आज इसके दबाव में तेजी आने की संभावना है। जिससे यह सोमवार तक चक्रवाती तूफन में बदल सकता है। इसके बाद, इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है। 22 मार्च की सुबह तक यह बांग्लादेश-उत्तरी म्यांमार के तटों के पास पहुंच सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलावा अन्य स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात आसनी के अंडमान द्वीप समूह के साथ-साथ म्यांमार और दक्षिण बांग्लादेश तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चक्रवात अंडमान द्वीप समूह में दस्तक नहीं देगा।
Indian Coast Guard ships shepherding the fishermen out at Andaman Sea and issuing weather warnings due to #CycloneAsani.
View attached media content
- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 20 Mar 2022
मछुआरों को समुद्र से बाहर निकाल रहे
भारतीय तटरक्षक बल के जहाज मछुआरों को समुद्र से बाहर निकाल रहे हैं और मौसम की चेतावनी जारी कर रहे हैं। चक्रवात आसनी के मद्देनजर अंडमान क्षेत्र में मौसम बिगड़ रहा है।
प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
आने वाले तूफान को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। यात्रियों व अन्य लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर 03192-245555/232714 और टोल-फ्री नंबर - 1-800-345-2714 जारी किया है। इसके अलावा नौकायन को भी रद्द कर दिया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर पश्चिमी भारत के तापमान में दो डिग्री तक गिरावट आने की संभावना बन रही है। इसके अलावा पश्चिमी, मध्य व दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में भी तूफान के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बदलाव नहीं होगा।