देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' के सिपाही/सफाई कर्मचारी नंद कुमार सिंह को पौने छह लाख रुपये की चपत लग गई है। उन्होंने अपने घर की मरम्मत के लिए अपने जीपीएफ खाते से सात लाख रुपये निकाले थे। वह राशि उनके खाते में जमा थी। साइबर फ्रॉड को अंजाम देने वालों ने केवाईसी डॉक्यूमेंट अपडेट कराने को लेकर नंद कुमार से बातचीत की। आरोपियों ने सीआरपीएफ कर्मी को सिम कार्ड बंद होने का भय दिखाया। नंद कुमार उनकी बातों में आ गया और 5,71,999 रुपये का नुकसान खा बैठा। हैकर्स ने उसके खाते से यह राशि आठ बार में निकाली है।
सीआरपीएफ की 244वीं बटालियन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक, चार सितंबर 2021 को नंद कुमार के मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया था। उसमें कहा गया था कि केवाईसी दस्तावेज अपडेट न होने के कारण अगले 24 घंटे में आपका सिम कार्ड बंद हो जाएगा। अगर आप चाहते हैं कि सिम कार्ड बंद न हो तो इस नंबर पर संपर्क करें। सिपाही नंद कुमार ने उस नंबर पर कॉल की। फर्जी कस्टमर केयर वालों ने उससे गूगल प्ले स्टोर में जाकर क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करने को कहा। सिपाही ने वैसा ही किया। कुछ ही देर बाद उसके मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिसे देखते ही नंद कुमार हैरान रह गया।
जो पहला मैसेज आया, उसमें लिखा था कि उसके खाते से 99,999 रुपये निकल गए हैं। इससे पहले कि वह किसी को शिकायत करता, तुरंत दूसरा मैसेज आ गया। इस बार खाते से 95,000 रुपये कम हो गए। तीसरे मैसेज में 98,000, चौथे मैसेज में 80,000, पांचवें मैसेज में 99,000, छठे मैसेज में 25,000, सातवें मैसेज में 50,000 और आठवें मैसेज में 25,000 रुपये निकाले जाने की सूचना प्राप्त हुई। इस तरह से उसके खाते से 5,71,999 रुपये निकाल लिए गए। इस बाबत नंद कुमार ने एसबीआई ब्रांच सेकमे, इंफाल को सूचित कर दिया है। साइबर क्राइम ब्रांच ग्वालियर को भी मामले की सूचना दी गई है।