केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सोमवार को सभी सरकारी संगठनों को 16 अगस्त से पहले तीन महीने के अभियान के हिस्से के रूप में भ्रष्टाचार की शिकायतों का समय पर निपटान और नियमित रूप से अपनी वेबसाइटों को अपडेट करने के लिए कहा है। केंद्रीय सरकार के सभी विभागों के सचिवों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को जारी निर्देश में सीवीसी ने उनसे और अधिक क्षेत्रों की पहचान करने के लिए कहा है, जिन्हें सेवाओं के बेहतर, सटीक और समय पर वितरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर लाया जा सके।
16 अगस्त से 15 नवंबर तक चलेगा अभियान
आयोग ने इस साल 16 अगस्त से 15 नवंबर तक तीन महीने तक चलने वाले अभियान- निवारक सतर्कता उपायों व हाउसकीपिंग गतिविधियों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया है और छह प्रमुख फोकस क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें संपत्ति प्रबंधन, रिकॉर्ड प्रबंधन, तकनीकी पहल, दिशानिर्देशों का अद्यतन और 15 अगस्त, 2022 तक बकाया शिकायतों का निपटान शामिल है।
आयोग ने कहा, यदि कर्मचारी दोषी नहीं हैं, तो शिकायतों को लंबे समय तक लंबित रखने पर उन्हें भुगतना पड़ता है। यह पाया गया है कि कई संगठनों में आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई/संगठन द्वारा प्राप्त की गई शिकायतें लंबे समय तक अनसुनी रहीं, इसके मद्देनजर केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को भी निर्देश जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि आयोग की ओर से आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारियों/संगठनों को भेजी गई शिकायतों और विभिन्न स्रोतों से सीधे संगठनों द्वारा प्राप्त शिकायतों को शिकायत निवारण नीति के अनुसार लिया जाना चाहिए। इस प्रकार की सभी शिकायतें, जो 15 अगस्त 2022 तक संगठनों के सभी स्तरों पर लंबित हैं, उन्हें 15 नवंबर 2022 तक तार्किक निष्कर्ष पर ले जाने के लिए अभियान मोड में शामिल किया जाना चाहिए।