CRPF
- फोटो : Amar Ujala
70 के दशक के बाद जब उग्रवादी तत्वों ने त्रिपुरा और मणिपुर में शांति भंग की तो वहां सीआरपीएफ बटालियनों को तैनात किया गया था। सीआरपीएफ की ताकत न केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल्कि संचार तंत्र व्यवधान मुक्त रखने के लिए भी शामिल किया गया। पूर्वोत्तर में विद्रोह की स्थिति से निपटने के लिए इस बल की प्रतिबद्धता लगातार उच्च स्तर पर है।
80 के दशक से पहले पंजाब में जब आतंकवाद छाया हुआ था तब राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती की मांग की थी।