मृत्यु दंड सहित कठोर दंडात्मक प्रावधान हैं
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 'एनसीआरबी' की रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 के दौरान देश में कुल 82084 लड़कियां गुम हुई थीं, जबकि महिलाओं की संख्या 342168 थी। साल 2020 में 79233 लड़कियां गायब हुई तो वहीं लापता महिलाओं की संख्या 344422 रही है। इसी तरह 2021 में 90113 लड़कियां गायब हुई थीं, जबकि 375058 महिलाएं लापता हो गईं।
साल 2021 में 246 लड़कियां और 1027 महिलाओं के लापता होने के मामले दर्ज किए गए थे। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने संसद में बताया, यौन अपराधों के प्रभावकारी निवारण के लिए दंड विधि (संशोधन) अधिनियम, 2013 अधिनियमित किया गया था। इसके अतिरिक्त, 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के बलात्कार के लिए मृत्यु दंड सहित और अधिक कठोर दंडात्मक प्रावधान निर्धारित करने के मकसद से दंड विधि (संशोधन) अधिनियम, 2018 अधिनियमित किया गया था।
ऑनलाइन विश्लेषणात्मक टूल लॉन्च
इसमें, अन्य बातों के साथ साथ, बलात्कार के मामलों में दो महीने के भीतर जांच पूरी किए जाने तथा आरोप पत्र दायर करने और विचारण को भी दो माह में पूरा करने का अधिदेश दिया गया है। गृह मंत्रालय ने दंड विधि (संशोधन) अधिनियम, 2018 के अनुसार, यौन हमले से संबंधित मामलों की समयबद्ध जांच की निगरानी करने और उसे ट्रैक करने के कार्य को सुगम बनाने के लिए 19 फरवरी 2019 को पुलिस के लिए 'यौन अपराध जांच ट्रैकिंग प्रणाली' एक ऑनलाइन विश्लेषणात्मक टूल लॉन्च किया है। यौन हमले के केस में फॉरेंसिक साक्ष्य के संग्रहण और यौन हमले संबंधी साक्ष्य संग्रहण किट की मानक संरचना के लिए दिशानिर्देश अधिसूचित किए हैं। पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो ने प्रशिक्षण के भाग के तौर पर राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को ओरिएंटेशन किट के रूप में यौन हमला साक्ष्य संग्रहण की 14950 किट वितरित की हैं।