DRDO के 'क्वालिटी कॉन्क्लेव' के सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, स्वदेशी उपकरणों के उत्पादों के निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करना होगा की लागत नियंत्रित हो, लेकिन गुणवत्ता से समझौता किए बिना।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के 'क्वालिटी कॉन्क्लेव' के सत्र में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। सैन्य हार्डवेयर निर्माताओं से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आह्वान किया कि उत्पादन करते समय गुणवत्ता पर ध्यान दें। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक खाका तैयार करें।
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राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय उत्पादों की वैश्विक मांग तभी पैदा की जा सकती है, जब गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इस दृष्टिकोण से देश को रक्षा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनने में सहयोग मिलेगा। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, जो देश गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का निर्माण करते हैं, वे अपने उत्पादों को दुनियाभर में निर्यात करते हैं। रक्षा उपकरणों का अग्रणी निर्माता बनने की भारत में पूरी क्षमता है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्माण में लागत नियंत्रण के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, उत्पादन निर्माण में लागत नियंत्रण का अधिक महत्व है। इसे महत्व दिया जाना चाहिए। लेकिन इसके लिए गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। हमें इस विचार के साथ आगे बढ़ना होगा।
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कार्यक्रम में योग्य उद्योगों के प्रतिनिधियों को 'सिस्टम फॉर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग असेसमेंट एंड रैंकिंग' (SAMAR) प्रमाण पत्र भी दिए गए। इस दौरान डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने कहा, गुणवत्ता प्रदान करने के लिए हम प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्वदेशी सैन्य प्रणालियों में आत्मनिर्भरता की दिशा में दृढ़ संकल्प और तालमेल रखने का अनुरोध किया।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी प्रणालियों के उत्पादन के लिए देश में एक नेटवर्क बनाने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए भारत में रक्षा विनिर्माण क्रांति के लिए गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन किया।