डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि वैक्सीन की सप्लाई में बड़ा हिस्सा कोविशील्ड और कोवाक्सिन का ही है। इन दो वैक्सीन का प्रॉडक्शन बढ़ाने के अलावा, स्पूतनिक वी वैक्सीन का आना और मॉडर्ना व जायडस कैडिला की नई वैक्सीन का रोलआउट डेली कवरेज को 50 लाख से बढ़ाकर आने वाले हफ्तों में 80 लाख, यहां तक कि 1 करोड़ भी किया जा सकता है।
तीसरी लहर को डेल्टा प्लस से जोड़ना जल्दबाजी
सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक 18 साल से ऊपर के हर व्यक्ति (करीब 93 करोड़) का टीकाकरण करने का है। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि आईसीएमआर की एक ताजा रिपोर्ट अगले साल फरवरी या मार्च तक तीसरी लहर आने की भविष्यवाणी कर रही है, ऐसे में देश के बाद करीब 8 महीने का समय है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर की संभावना को डेल्टा प्लस वैरिएंट से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी। भारत में अभी इस वैरिएंट के 52 मामले सामने आए हैं।