मौसम विभाग ने एक बयान जारी कर बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कुछ और हिस्सों में 10 जुलाई के आस-पास आगे बढ़ने की संभावना है। इससे 10 जुलाई से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश के लिए स्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। आईएमडी के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले दिल्ली में 2012 में मानसून सात जुलाई को पहुंचा था, जबकि 2006 में मानसून ने नौ जुलाई को राजधानी में दस्तक दी थी।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कोई खास बारिश होने की संभावना नहीं है, केवल हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में 8 जुलाई से मानसून के जोर पकड़ने की उम्मीद है और 8 से 10 जुलाई के बीच कुछ इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है।
बता दें कि पंजाब और हरियाणा में 13 जून को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी थी, लेकिन उसके बाद पिछले एक पखवाड़े के दौरान चंडीगढ़ सहित दोनों राज्यों में ज्यादातर सूखा ही रहा है।