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भारत के लिए कितना खतरा?: सिर्फ चीन व यूरोप तक सीमित नहीं है ओमिक्रॉन का BA.2 वैरिएंट, दुनिया के कई देशों में पहले से है मौजूद 

Wed, 16 Mar 2022 02:10 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन ही नहीं पश्चिमी यूरोप, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका से भी कोरोना संक्रमण बढ़ने की खबर सामने आ रही है। इसके अलावा जिन देशों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ने की पुष्टि की है, उसमें वियतनाम, जर्मनी, दक्षिण कोरिया व फ्रांस शामिल हैं।
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covid19 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना वायरस दुनिया के तमाम हिस्सों में तम तोड़ रहा है। इसमें भारत भी शामिल है। लेकिन इस राहत के बीच कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का सब वैरिएंट फिर से दस्तक दे रहा है। चीन में इस सब वैरिएंट BA.2 ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। यहां मंगलवार को 24 घंटे में 5,280 नए मामले सामने आए। इसमें इसमें 3,507 घरेलू केस हैं। डराने वाली बात यह है कि चीन में सबसे ज्यादा 14 हजार केस 12 फरवरी 2020 को सामने आए थे। इसके बाद इतनी बड़ी संख्या में केस दो साल बाद सामने आए हैं। 

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सिर्फ चीन ही नहीं पश्चिमी यूरोप, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका से भी कोरोना संक्रमण बढ़ने की खबर सामने आ रही है। इसके अलावा जिन देशों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ने की पुष्टि की है, उसमें वियतनाम, जर्मनी, दक्षिण कोरिया व फ्रांस शामिल हैं। यहां दैनिक मामलों में एकाएक उछाल हुआ है। 

यूरोप में क्यों बढ़ रहा संक्रमण 
यूरोप में ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट BA.2 तेजी से फैल रहा है। आंकड़ों को देखा जाए तो ब्रिटेन में पिछले सात दिनों में 77 प्रतिशत मामलों की वृद्धि देखी गई है। इसी तरह दक्षिण कोरिया, वियतनाम, फ्रांस व जर्मनी में भी उछाल देखा गया है। आईआईएम कोच्चि के रिसर्च सेल के प्रमुख डॉ. राजीव जयदेवन ने बताया कि, यूरोप में कोरोना संक्रमण में अचानक उछाल का कारण वहां कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने की धीमी प्रक्रिया है। इसके साथ ही साथ वहां पर प्रतिबंधों में भी काफी छूट दी गई है। 
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सिर्फ चीन तक सीमित नहीं है ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओमिक्रॉन के पांच सब वैरिएंट हैं। इसमें  BA.2  काफी संक्रामक है। यह ओमिक्रॉन के  BA.1 की तुलना में 10 गुना ज्यादा संक्रामक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि कोरोना के बढ़ते मामले सिर्फ चीन या यूरोप तक ही सीमित नहीं रहेंगे, क्योंकि BA.2 पहले से कई देशों में मौजूद है। इस वैरिएंट का पहला मामला पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। 

भारत को कितना खतरा?
चीन की तुलना में भारत  के लोगों की प्रतिरक्षा बेहतर है। इसके अलावा यहां टीकाकरण भी तेजी से हुआ है, इससे लोगों की इम्युनिटी और भी ज्यादा मजबूत हुई है। यही कारण है कि चीन की तुलना में भारत में मामले नहीं बढ़ रहे हैं। वहीं कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. नरेंद्र कुमार अरोड़ा का कहा है कि भारत में सब वैरिएंट के मामले बढ़ने की गुंजाइश कम ही है। डॉ. अरोड़ा के मुताबिक, तीसरी लहर में 72 प्रतिशत मामले BA.2 के ही थे।

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