स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत कोविड-19 नेशनल टास्क फोर्स ने वयस्क कोरोना रोगियों के प्रबंधन के लिए संशोधित नैदानिक मार्गदर्शन जारी किया है। इसमें कोरोना के हल्के लक्षणों (माइल्ड), मध्यम लक्षणों (मॉडरेट) और गंभीर लक्षणों और उपचार की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि होम आइसोलेशन में किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए। किन हालात में रोगियों को ऑक्सीजन दिया जाना चाहिए और मामला गंभीर होने पर किस तरह के कदम उठाए जाने चाहिए।
COVID-19 National Task Force under Ministry of Health and Family Welfare releases revised clinical guidance for the management of adult COVID-19 patients pic.twitter.com/x4R6ZntVnz
मध्यम और गंभीर लक्षण व उपचार
स्टेरॉयड जैसे इंजेक्शन को लेकर रहें सावधान
संशोधित 'क्लिनिकल गाइडेंस फॉर मैनेजमेंट ऑफ एडल्ट कोविड -19 मरीज' में कहा गया है कि कोविड रोगियों को ऑक्सीजन सप्लीमेंट की आवश्यकता नहीं होने या डिस्चार्ज के बाद भी स्टेरॉयड जैसे शक्तिशाली या इम्यूनोमॉड्यूलेटरी थेरेपी देने, इसकी अधिक खुराक देने या लंबे समय तक इस्तेमाल से म्यूकोर्मिकोसिस जैसी बीमारी हो सकती है।
किस लक्षण में कौन का इंजेक्शन
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इंजेक्शन मेथिलप्रेडनिसोलोन 0.5 से एक मिलीग्राम/किग्रा दो विभाजित खुराक में या डेक्सामेथासोन की एक समान खुराक, आमतौर पर मध्यम लक्षण वाले मामलों में पांच से 10 दिनों की अवधि के लिए दी जा सकती है। गंभीर मामलों में समान अवधि के लिए एक ही दवा को एक से दो मिलीग्राम/किलोग्राम की दो विभाजित खुराकों में दिया जा सकता है। यदि लक्षण (बुखार और/या खांसी) बीमारी की शुरुआत के पांच दिनों से अधिक समय तक बने रहते हैं पांच दिनों के लिए 800 एमसीजी बीडी की खुराक पर इनहेलेशनल बिडेसोनाइड (मीटर्ड डोज इनहेलर/ड्राई पाउडर इनहेलर के माध्यम से दिया जाता है) हल्के मामलों में दिया जा सकता है।