मई मध्य के बाद पहली बार 22 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में रूस में कोरोना के दैनिक मामले 5,000 से नीचे दर्ज किए गए। जुलाई में यहां औसतन 6,500 के करीब नए मामले सामने आते थे। वहीं अगस्त में यहां 5,300 मामले दर्ज किए जाने लगे। रूसी मीडिया के अनुसार परीक्षण की दर बढ़ाने से अधिकारियों को वायरस संक्रमित लोगों की पहचान करने और उन्हें आइसोलेट करने में मदद मिली। इससे वायरस के प्रसार में कमी आई।
पाकिस्तान
जून के महीने में पाकिस्तान में वायरस की वजह से हजारों लोगों ने जान गंवाई लेकिन अब यहां मामलों में कमी आ रही है। यहां अगस्त के महीने में दैनिक तौर पर औसतन 580-620 मामले दर्ज किए गए। जबकि मई और जून में यह आंकड़ा पांच हजार मामलों का हुआ करता था। इसकी वजह कम समय में परीक्षण क्षमता बढ़ाना और एक ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित करना है। इसमें 10,000 से अधिक अनुबंध कर्मी और 3,000 से अधिक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग टीमें शामिल हैं। इसके अलावा हॉटस्पॉट्स में सख्त लॉकडाउन और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना ने भी अहम भूमिका निभाई।
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सऊदी अरब
अरब देशों में सऊदी अरब वायरस के सबसे ज्यादा 3,09,000 मामले सामने आए थे। अब यहां मामलों में कमी देखी जा रही है। 22 अगस्त तक यहां औसतन कोरोना के 1,200 मामले सामने आए जबकि जुलाई में यह संख्या 3,700 थी। सऊदी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सामुदायिक जागरूकता और सार्वजनिक प्रतिबद्धता को घटते मामलों का मुख्य कारण बताया है।