केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में इस समय 44 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस केस पॉजिटिविटी रेट 10 फीसदी से अधिक है। ये जिले केरल, मणिपुर, मिजोरम समेत अन्य राज्यों में हैं।
उन्होंने बताया कि छह राज्यों के 18 जिले ऐसे हैं जहां पिछले चार सप्ताह में कोरोना वायरस के नए मामलों में तेजी देखी दर्ज की गई है। अग्रवाल ने बताया, इन राज्यों में केरल, महाराष्ट्र और मणिपुर आजि राज्यों के नाम शामिल हैं। इन 18 जिलों में 47.5 फीसदी मामले हैं।
अग्रवाल ने बताया कि देश के 222 जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम हुए हैं। एक जून को देश में 279 जिले ऐसे थे जहां 100 से अधिक मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों की संख्या घट कर केवल 57 रह गई है।
अब तक लगे 47.85 करोड़ टीके
कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान की जानकारी देते हुए अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक कोरोना रोधी टीके की 47.85 करोड़ खुराकें लगाई जा चुकी हैं। इनमें 37.36 करोड़ पहली खुराकें और 10.59 करोड़ दूसरी खुराकें हैं।
लव अग्रवाल ने कहा कि मई में टीके की 19.6 लाख खुराकें लगाई गई थीं और जुलाई में यह संख्या 43.41 लाख रही। उन्होंने कहा कि देश में जुलाई महीने में जितने टीके लगाए गए वह संख्या मई महीने में टीकाकरण के मुकाबले चार गुनी है।
उन्होंने बताया कि कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस रोधी टीके की तीन करोड़ से अधिक खुराकों की आपूर्ति की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश को 4.88 करोड़, महाराष्ट्र को 4.5 करोड़ और गुजरात को 3.4 करोड़ खुराकों की आपूर्ति की गई है।
आठ राज्यों में 'आर नंबर' उच्च
अग्रवाल ने कहा कि वृद्धि दर और सक्रिय मामलों का आंकलन 'आर नंबर' (रिप्रोडक्शन नंबर) का इस्तेमाल करके भी किया जाता है। यह एक व्यक्ति द्वारा अपने संक्रमित रहने की कुल अवधि के दौरान उत्पन्न नए संक्रमणों की औसत संख्या होती है।
जब भी आर नंबर एक से अधिक होता है, तो इसका मतलब है कि मामले बढ़ रहे हैं और इसे नियंत्रित करने की जरूरत है।
अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और भारत में आर नंबर 1.2 है। इसका मतलब कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति एक से अधिक लोगों को संक्रमित कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के आठ राज्यों में आर नंबर उच्च है।
सीरोसर्वे पर बोले डॉ. वीके पॉल
वहीं, प्रेसवार्ता में मौजूद रहे नीती आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि सीरोसर्वे यह बताने के उद्देश्य के साथ किया जाता है कि कितने लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। यह राज्य के स्तर पर विवरण को कवर करने के लिए नहीं है। यह डाटा की व्याख्या करने या भ्रामक जानकारी देने का तरीका नहीं है।