कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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अंडमान निकोबार द्वीप समूह के टापू पर रहने वाले 53 लोगों की आबादी वाली दुर्लभ जनजाति ग्रेट अंडमानी तक कोरोना पहुंच गया है। इस आबादी के 10 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि ग्रेट अंडमानी जनजाति के संक्रमित 10 लोगों में छह लोग ठीक हो चुके हैं और उन्हें होम क्वारंटीन में रखा गया है।
बाकी के चार लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है, जहां इनकी हालत स्थिर है। ग्रेट अंडमानी जनजाति अंडमान निकोबार द्वीप समूह के 37 रिहायशी द्वीपों में से एक के निवासी हैं। इससे पहले अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पूर्वी हिस्से में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 2,985 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
इनमें से 41 लोग जान भी गंवा चुके हैं। यहां पहला मामला जून के शुरुआत में दर्ज किया गया था। बताया जा रहा है कि आदिवासियों में से कई लोग अपने अलग-थलग पड़े द्वीप से पोर्ट ब्लेयर आते-जाते रहते हैं। ऐसे में हो सकता है कि संक्रमण उन्हीं के जरिये यहां तक पहुंचा हो। इनमें से कुछ लोग शहर में छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं। अब स्वास्थ्य अधिकारियों की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि संक्रमण बाकी द्वीपों की जनजातियों तक न फैले।
विलुप्त होने की कगार पर हैं ये पांच जनजातियां
अंडमान द्वीप समूह पांच विलुप्त होने की कगार पर खड़ी जनजातियों का घर है। ये है जारवा, नॉर्थ सेंटीनेलीज, ग्रेट अंडमानी, ओंग और शोंपेन। इनमें जारवा और नॉर्थ सेंटीनेलीज जनजातियां आम लोगों के संपर्क में नहीं आई हैं। नॉर्थ सेंटीनेलीज तो बाहर के लोगों के प्रति काफी आक्रामक हैं। इसीलिए उनके द्वीप पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है।